
बिहार में किस जाति के लोग सरकारी नौकरियों में सबसे ज्यादा, किसकी कितनी आबादी? पहली बार सामने आए आंकड़े
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प्रवासी बिहारियों को लेकर भी जो आंकड़े सामने आए हैं, वे चौंकाने वाले हैं. रिपोर्ट के मुताबिक बिहार की कुल आबादी के 94.28 फीसदी लोग राज्य में रह रहे हैं. सिर्फ 1.22 फीसदी आबादी ही राज्य से बाहर रहती है.
बिहार जाति सर्वेक्षण रिपोर्ट को आज राज्य विधानसभा के पटल पर चर्चा के लिए रखा गया. इस रिपोर्ट में राज्य के आर्थिक और शैक्षणिक आंकड़ों के साथ ही सरकारी नौकरियों में किसकी कितनी हिस्सेदारी है, ये आंकड़े भी सामने आए हैं. इसके मुताबिक बिहार में सामान्य वर्ग के 6 लाख 41 हजार 281 व्यक्तियों के पास सरकारी नौकरियां हैं, वहीं बिहार की कुल आबादी में सामान्य वर्ग की हिस्सेदारी 15% के करीब है. बिहार सरकार के जाति सर्वे के आंकड़ों के मुताबिक सामान्य वर्ग के 3.19% लोग सरकारी नौकरियों में हैं. इसी तरह बिहार की कुल पिछड़ी जातियों में 6 लाख 21 हजार 481 लोगों के पास सरकारी नौकरी है.
बिहार की कुल जनसंख्या में पिछड़ा वर्ग की हिस्सेदारी 27 प्रतिशत से थोड़ी ज्यादा है. राज्य सरकार के जाति सर्वे के आंकड़ों के मुताबिक पिछड़ा वर्ग की 1.75 फीसदी आबादी सरकारी नौकरियों में है. वहीं, अगर बात करें अनुसूचित जाति की तो कुल 2 लाख 91 हजार 4 लोगों के पास सरकारी नौकरी है. बिहार में अनुसूचित जाति की आबादी करीब 20 फीसदी है. मौजूदा आंकड़ों के मुताबिक इस वर्ग में 1.13 फीसदी लोगों के पास सरकारी नौकरी है. बिहार कास्ट सर्वे के आंकड़ों के मुताबिक राज्य में अनुसचित जनजाति की आबादी 1.68% है. राज्य में अनुसूचित जनजाति के कुल 30 हजार 164 लोग सरकारी नौकरियों में हैं. आप नीचे दिए गए टेबल में जातियां, उनकी आबादी और नौकरियों में हिस्सेदारी के आंकड़े देख सकते हैं.
बिहार में किस वर्ग के पास कितनी सरकारी नौकरी?#बिहार में सामान्य वर्ग के पास 6 लाख 41 हजार 281 नौकरियां
#बिहार में पिछड़ा वर्ग के पास 6 लाख 21 हजार 481 नौकरियां
#बिहार में अत्यंत पिछड़ी जातियों के लोगों को कितनी सरकारी नौकरियां?
#अनुसूचित जाति में 291004 लोगों के पास सरकारी नौकरियां

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