
बिहार में अब 7 करोड़ 42 लाख मतदाता, SIR में 47 लाख नाम कटे... जानें- वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने का अब क्या विकल्प
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बिहार में यह पहला मौका था जब विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के माध्यम से मतदाता सूची को व्यापक रूप से अपडेट किया गया. इस कवायद में राज्य के 38 जिलों के निर्वाचन अधिकारी (DEO), 243 निर्वाचन निबंधन अधिकारी (ERO), 2,976 सहायक निर्वाचन अधिकारी (AERO), लगभग 1 लाख बूथ स्तर अधिकारी (BLO) और लाखों स्वयंसेवक शामिल हुए.
बिहार में विधानसभा चुनाव की तैयारी तेज हो गई है. राज्य में फाइनल मतदाता सूची (Final Electoral Roll) जारी होने के बाद अब यह साफ हो गया है कि बिहार में कुल 7 करोड़ 42 लाख मतदाता हैं. पिछले साल की सूची यानी 1 जून 2025 तक यह आंकड़ा 7.89 करोड़ था. इसका मतलब है कि कुल 47 लाख मतदाता सूची से बाहर हो गए हैं, जबकि 1 अगस्त 2025 को जारी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में कुल 7.24 करोड़ मतदाता थे.
निर्वाचन आयोग की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, ड्राफ्ट मतदाता सूची के मुकाबले फाइनल वोटर सूची में 3 लाख 66 हजार नाम अयोग्य होने की वजह से हटाए गए, जबकि ड्राफ्ट रोल में शामिल न होने वाले 21.53 लाख नए मतदाताओं ने फॉर्म 6 भरकर अपना नाम जोड़ा. लोग अपने नाम देखने के लिए voters.eci.gov.in पर क्लिक कर सकते हैं.
अभी भी नाम जोड़ने के लिए कर सकते हैं आवेदन
चुनाव आयोग के मुताबिक अगर कोई योग्य व्यक्ति अब भी अपना नाम मतदाता सूची में शामिल करना चाहता है, तो वह फॉर्म 6 भरकर आवेदन कर सकता है. बशर्ते कि आवेदन चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि से दस दिन पहले तक जमा हो. यदि कोई व्यक्ति अंतिम मतदाता सूची में अपने नाम के संबंध में ERO के निर्णय से संतुष्ट नहीं है, तो वह जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 24 के तहत जिला मजिस्ट्रेट के समक्ष पहली अपील और CEO के समक्ष दूसरी अपील दायर कर सकता है.
SIR प्रक्रिया: 22 साल के बाद बड़ा अभियान
बिहार में यह पहला मौका था जब विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR – Special Intensive Revision) के माध्यम से मतदाता सूची को व्यापक रूप से अपडेट किया गया. आयोग के असिस्टेंट डायरेक्टर अपूर्व कुमार सिंह ने बताया कि इस कवायद में राज्य के 38 जिलों के निर्वाचन अधिकारी (DEO), 243 निर्वाचन निबंधन अधिकारी (ERO), 2,976 सहायक निर्वाचन अधिकारी (AERO), लगभग 1 लाख बूथ स्तर अधिकारी (BLO) और लाखों स्वयंसेवक शामिल हुए. इसके साथ ही सभी 12 प्रमुख राजनीतिक दलों के जिला अध्यक्ष और 1.6 लाख से अधिक बूथ स्तर एजेंट (BLA) ने भी भाग लिया.

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