
बिना परमिशन, NO इन्वेस्टिगेशन... MP में CBI के लिए क्यों जारी हुआ ये आदेश? जानें- किन-किन राज्यों में है ऐसा नियम
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मध्य प्रदेश में मोहन यादव की अगुवाई वाली बीजेपी सरकार ने सीबीआई जांच को लेकर बड़ा फैसला लिया है. अब सीबीआई को प्रदेश सरकार के किसी अफसर-कर्मचारी या मंत्री-विधायक के खिलाफ जांच के लिए राज्य सरकार से लिखित अनुमति लेनी होगी. ऐसे में जानते हैं कि सीबीआई तो केंद्रीय एजेंसी है, फिर उसे राज्य सरकार की अनुमति की जरूरत क्यों पड़ती है?
मध्य प्रदेश में अब सीबीआई को जांच से पहले राज्य सरकार की लिखित अनुमति लेनी होगी. हालांकि, ये लिखित अनुमति राज्य सरकार के अधिकारियों और कर्मचारियों से जुड़ी जांच के लिए जरूरी होगी.
इसका मतलब ये हुआ कि अगर सीबीआई को एमपी में किसी अफसर, कर्मचारी के खिलाफ कोई जांच करनी है तो उसे राज्य सरकार की अनुमति की जरूरत होगी. इतना ही नहीं, एमपी के किसी मंत्री या विधायक की जांच के लिए भी मंजूरी लेनी होगी.
अब तक कई राज्यों ने सीबीआई की एंट्री पर अपने यहां बैन लगा रखा है. अब तक जांच के लिए जिन राज्यों में लिखित अनुमति लेनी पड़ती थी, वहां विपक्षी पार्टी की सरकार है. लेकिन मध्य प्रदेश में बीजेपी की सरकार है.
क्यों लिया सरकार ने ये फैसला?
गृह विभाग की तरफ से जारी नोटिफिकेशन में कहा गया है कि एमपी सरकार के अफसरों-कर्मचारियों या राज्य सरकार से जुड़े मामले में जांच बिना लिखित अनुमति के शुरू नहीं की जाएगी.
हालांकि, केंद्र सरकार के अफसर-कर्मचारियों और किसी निजी व्यक्ति के खिलाफ जांच करने के लिए लिखित अनुमति की जरूरत नहीं होगी.

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