
बालाकोट एयरस्ट्राइक में दम दिखाने वाले भारत के मिराज विमान लंदन क्यों पहुंचे, जानिए कोबरा वॉरियर एक्सरसाइज की डिटेल
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Cobra Warrior exercise: ब्रिटेन के वाडिंगटन एयर बेस पर 'कोबरा वॉरियर' अभ्यास का आयोजन किया गया है. 6 मार्च से शुरू हुआ यह अभ्यास 24 मार्च तक चलेगा. इसमें पहली बार भारतीय वायुसेना के मिराज-2000 लड़ाकू विमान ने हिस्सा लिया. बालाकोट एयरस्ट्राइक में इसी विमान का इस्तेमाल किया गया था.
Cobra Warrior exercise: ब्रिटेन के वाडिंगटन एयर बेस पर मल्टी नेशनल एक्सरसाइज 'कोबरा वॉरियर-2023' में पहली बार भारतीय वायु सेना के मिराज-2000 ने भी हिस्सा लिया है. भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन एम गंगोला ने अभ्यास में मिराज-2000 को लेकर बताया कि ये वही मशीनें हैं, जिनका इस्तेमाल बालाकोट ऑपरेशन में किया गया था.
वहीं 'कोबरा वॉरियर' के एक्सरसाइज डायरेक्टर जेम्स कैलवर्ट ने बताया कि यह एक नियमित अभ्यास है, जिसकी मेजबानी ब्रिटेन करता है. इसका उद्देश्य जटिल हवाई मिशनों की योजना बनाने और उन्हें क्रियान्वित करने में पायलटों और अन्य एयर फ्लाइट विशेषज्ञों दोनों को प्रशिक्षित करना है. इसके अलावा भाग लेने वाले देशों को एक-दूसरे के साथ और ब्रिटेन के साथ काम करने के लिए आमंत्रित करना है. मिराज-2000 के साथ भारतीय वायुसेना का होना अद्भुत है.
अभ्यास में इंडियन एयरफोर्स के पांच मिराज -2000 जेट्स, दो सी-17 ग्लोबमास्टर- III रणनीतिक एयरलिफ्ट विमान और एक आईएल-78 मिड-एयर रिफ्यूलिंग एयरक्राफ्ट में भाग ले रहे हैं. इस अभ्यास में भारत के अलावा फिनलैंड, स्वीडन, दक्षिण अफ्रीका, अमेरिका, सिंगापुर और ब्रिटेन की वायुसेना भाग ले रही हैं.
एक बार में 1500 किमी. से ज्यादा की भर सकता है उड़ान
मिराज 2000 एक बार में 1550 किलोमीटर की रेंज तक उड़ान भर सकता है. डॉग फाइट्स के दौरान यह वर्टिकल यानी सीधी उड़ान 56,100 फीट प्रति मिनट की दर से चढ़ता है. मिराज 2000 में 68 मिलिमीटर के Matra अनगाइडेड रॉकेट पॉड्स लगे होते हैं. हर पॉड्स में 18 रॉकेट होते हैं.
मिराज 2000 में काफी ज्यादा मात्रा में हथियार लगाए जाते हैं. इसमें 30 मिली. की दो रिवॉल्वर कैनन लगती हैं, जो प्रति मिनट 125 राउंड फायर करती है. इसमें कुल मिलाकर 9 हार्ड प्वाइंट्स होते हैं, जिसमें से चार पंखों के नीचे और 5 ईंधन टैंक के नीचे.

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