
बस स्टॉप, चाय पार्टी और धमकी... इस तरह दरिंदों ने लूटी थी एक महिला की अस्मत, अब मिली जेल
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वो महिला उस दिन अपने एक परिचित के साथ बस स्टॉप पर खड़ी थी. वहां और भी लोग मौजूद थे. तभी बसवराज खिलारी नाम के एक शख्स ने उन दोनों को चाय के लिए अपने घर दावत दी. महिला ने उसकी बात मान ली. लेकिन फिर जो हुआ ,उस महिला ने कभी सपने में भी नहीं सोचा था.
कर्नाटक के बेलगाम जिले में शिक्षक दिवस के दिन हुए सामूहिक बलात्कार के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी समेत पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया है. यह वारदात 5 सितंबर को जिले के गोकक शहर में अंजाम दी गई थी. पीड़िता उस दिन किसी काम से गोकक आई थी. सबसे बड़ी हैरानी की बात ये है कि गैंग रेप के आरोपी एक दूसरे मामले में पकड़े गए थे, जब उनसे पूछताछ की गई तो इस घटना का खुलासा हुआ.
पीड़िता उस दिन अपने एक परिचित के साथ बस स्टॉप पर खड़ी थी. वहां और भी लोग मौजूद थे. तभी बस स्टॉप पर मौजूद बसवराज खिलारी नाम के एक शख्स ने उन दोनों को चाय के लिए अपने घर दावत दी. चूंकि बस आने में देर थी, लिहाजा महिला और उसके परिचित ने बसवराज की बात मान ली. फिर वो उन दोनों को आदित्य नगर स्थित अपने घर ले गया. घर में दाखिल होने के बाद इससे पहले कि महिला कुछ समझ पाती, बसवराज ने उन दोनों को अंदर बंद कर दिया.
दरअसल, उस महिला को इस बात का अंदाजा ही नहीं था कि बसवराज खिलारी नाम को वो शख्स एक दरिंदा था. जिसके इरादे नेक नहीं थे. वो उसे एक अच्छा इंसान समझकर उसके बुलाव पर चाय के लिए आ गई थी. लेकिन कहानी घर आते ही पलट गई. बसवराज ने उन दोनों को एक कमरे में बंद करने के बाद अपने गिरोह के सदस्यों को बुला लिया. थोड़ी देर बाद पांच लोगों का गिरोह उसके घर जा पहुंचा.
इसके बाद बसवराज और उसके साथी उस कमरे में दाखिल हुए जहां वो महिला अपने परिचित के साथ मौजूद थी. फिर उन सभी दरिंदगी का नंगा नाच शुरू कर दिया. सभी आरोपी महिला पर टूट पड़े. उन्होंने उस महिला को धमकी देकर उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया. एक एक आरोपी उस महिला को नोंचता रहा. आरोपियों ने शाम के वक्त पीड़िता और उसके साथ मौजूद पुरुष से पैसे और उनके एटीएम कार्ड सब ले लिए.
उन सभी आरोपियों ने गैंग रेप के दौरान उन दोनों से मारपीट भी की और उसका एक वीडियो भी रिकॉर्ड किया. जब आरोपियों ने उन दोनों को छोड़ा तो उन्हें धमकी देते हुए कहा कि अगर पुलिस या किसी को इस बारे में कुछ कहा तो उनके लिए अच्छा नहीं होगा. दोनों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ेगा. पीड़िता इस धमकी से सहम गई. साथ ही आरोपियों ने उन्हें पिटाई वाला वीडियो वायरल कर देने के धमकी भी दी. महिला और उसका परिचित चुपचाप वहां से चले गए.
पीडिता ने इस बारे में 13 सितंबर तक पुलिस को कोई सूचना या शिकायत नहीं दी थी. वो डरी सहमी थी. इसीलिए वो केस दर्ज कराने से झिझक रही थी. लेकिन 13 सितंबर को पुलिस ने डकैती के एक मामले में कुछ लोगों को गिरफ्तार किया. जब उनसे पूछताछ की गई तो इसी दौरान आरोपियों ने सामूहिक बलात्कार करने की करतूत के बारे में भी पुलिस को बताया.

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