
बलूचिस्तान में पाकिस्तान के साथ मिलकर चीन चल रहा खतरनाक चाल
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भारतीय सेना ने एक डोजियर जारी किया है, जिसमें बलूच लोगों के खिलाफ पाकिस्तान के अत्याचारों का भंडाफोड़ किया गया है. डोजियर में कहा गया कि पाकिस्तान बलूचिस्तान के ग्वादर और अन्य तटीय क्षेत्रों को चीनी गढ़ में तब्दील कर रहा है. चीन की ग्वादर बंदरगाह पर लगभग पांच लाख चीनी नागरिकों को बसाने की योजना है.
पाकिस्तान और चीन की सदाबहार दोस्ती किसी से छिपी नहीं है. इसी सदाबहार दोस्ती को लेकर भारतीय सेना ने एक डोजियर जारी किया है, जिसमें बलूच लोगों के खिलाफ पाकिस्तान के अत्याचारों का भंडाफोड़ किया गया है. डोजियर में बलूचिस्तान पर पाकिस्तान के अत्याचारों को लेकर चीन का भी उल्लेख किया गया है.
डोजियर के मुताबिक, पाकिस्तान और चीन दोनों दोस्त मिलकर बलूचिस्तान के प्राकृतिक संसाधनों का दोहन कर रहे हैं. विभिन्न सूत्रों से मिली जानकारी और डेटा के आधार पर डोजियर में कहा गया कि पाकिस्तान बलूचिस्तान के ग्वादर और अन्य तटीय क्षेत्रों को चीनी गढ़ में तब्दील कर रहा है.
चीन की ग्वादर बंदरगाह पर लगभग पांच लाख चीनी नागरिकों को बसाने की योजना है.
पाकिस्तान ने 2017 में ग्वादर बंदरगाह को चीन समर्थित एक मल्टीनेशनल कॉरपोरेशन को 40 सालों की लीज के लिए सौंप दिया था. चाइना ओवरसीज पोर्ट होल्डिंग कंपनी इस बंदगाह के विकास का काम कर रही है.
डोजियर में कहा गया, चीन ने पोर्ट टाउन के निर्माण और 300 मेगावॉट के कोयले से चलने वाले बिजली संयंत्र को खोलने के लिए अरबों डॉलर खर्च किए हैं. 23 करोड़ डॉलर की लागत से एक अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे का निर्माण कर रहा है. इसके साथ ही चीन पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (सीपीईसी) के तहत अन्य परियोजनाओं पर भी काम कर रहा है.
डोजियर में कहा गया कि जियवानी, सोनमियानी और अन्य इलाकों में नए बेस बनाए जा रहे हैं. बलूच लोग अपनी जमीन और नौकरियां खो रहे हैं और बदले में उन्हें कुछ भी नहीं मिल रहा.

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