
बड़े देशों की मंशा के खिलाफ तनकर खड़ा हुआ भारत, साथ में आए 80 देश
AajTak
भारत ने WTO के तीन अहम मसौदे पर असहमति जताई है. सम्मेलन की शुरुआत से पहले ही भारत की तरफ से इन मसौदों पर आपत्ति दर्ज करा दी गई है. ये तीन मसौदे मछली पकड़ने, कृषि और टीका निर्माण पर पेटेंट से संबंधित हैं. भारत के साथ साथ कई देश इन मसौदों का विरोध कर रहे हैं.
164 सदस्यों वाले विश्व व्यापार संगठन (WTO) की मंत्रिस्तरीय बैठक रविवार से जेनेवा में शुरू हो रही है. इस सम्मेलन से पहले भारत ने संगठन के तीन मसौदों, मछली पकड़ने, कृषि और कोविड वैक्सीन पेटेंट पर असहमति जाहिर की है. विकसित देशों के खिलाफ इन तीन मसौदों पर भारत का साथ देने 80 देश सामने आए हैं.
मछली पकड़ने वाले मसौदे पर भारत को आपत्ति
संगठन पिछले 20 सालों से अवैध, अनियमित मछली पकड़ने पर सब्सिडी को खत्म करने और स्थायी मछली पकड़ने को बढ़ावा देने का दबाव बना रहा है. लेकिन भारत इसका विरोध कर रहा है क्योंकि ये भी कृषि की तरह लोगों के लिए आजीविका का मुद्दा है.
भारत ने कहा है कि मत्स्य पालन पर अंतिम मसौदा अनुचित था. ये मसौदा कम विकसित देशों, जिनके पास अपने उद्योग और कृषि संसाधन नहीं है, उन्हें विवश कर रहा था. हालिया मसौदे को लेकर भारत का कहना है कि किसी भी देश के अधिकार क्षेत्र वाले समुद्र में किसी तरह का अनुशासन उसे स्वीकार नहीं है. इस मसौदों पर बड़ी संख्या में विकसित और अविकसित देश भारत के पक्ष में हैं.
WTO के इस मसौदे पर बात करते हुए संगठन में भारत के एंबेसडर गजेंद्र नवनीत ने कहा, 'ये दूसरे देशों द्वारा बनाई गई समस्या है और भारत जैसे देशों को उनके द्वारा फैलाई गई गंदगी की जिम्मेदारी लेने के लिए कहा जा रहा है. भारत मछुआरों के लिए एक सुरक्षा जाल चाहता है क्योंकि भारत जैसे देश में मछुआरे पानी में दूर तक मछली पकड़ने नहीं जा पाते हैं.'
कृषि से संबंधित मसौदा

तेल टैंकरों के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्ता खोलने को लेकर ईरान को ट्रंप ने 48 घंटे की धमकी थी. समय सीमा खत्म होने से पहले ही नेटो एक्शन में आ गया है. नेटो महासचिव ने बताया कि होर्मुज में मुक्त आवाजाही सुवनिश्चित करने के लिए 22 देशों का समूह बन रहा है. साथ ही उन्होनें कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिका का कदम जरूरी था.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को होर्मुज पर धमकी अब उन्हीं पर उलटी पड़ चुकी है. ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे की डेडलाइन देकर होर्मुज खोलने को कहा था, जिसके बाद अब ईरान ने ट्रंप के स्टाइल में ही उन्हें जवाब देते हुए कहा कि यदि अमेरिका उनपर हमला करेगा तो ईरान भी अमेरिका के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाएगा.

आज यु्द्ध का 24वां दिन है. इजरायल पर ईरान और जवाब में अमेरिका और इजरायल के ईरान पर ताबड़तोड़ हमले जारी हैं. इस बीच सवाल ये कि क्या डोनाल्ड ट्रंप हॉर्मुज पर फंस गए हैं. ट्रंप के बार-बार बदलते बयानों से लग रहा है कि जंग छेड़ने से पहले हॉर्मुज को लेकर ट्रंप सोच नहीं पाए थे. देखें कैसे बदलते जा रहे ट्रंप के बयान.










