
बजट में सस्टेनेबल डेवलपमेंट को आगे बढ़ाने के लिए कई अहम घोषणाएं, पर्यावरणविदों में उत्साह
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इस बजट में सरकार ने क्लीन एनर्जी, घरेलू उत्पादन और कृषि को मजबूती देने के लिए बड़े कदम उठाए हैं. इस बजट को करदाताओं के अनुकूल बताया जा रहा है, जिसमें ऐसे कई प्रावधान हैं जो क्लीन एनर्जी और परिवहन व्यवस्था को गति देंगे.
मोदी सरकार के इस बजट में जहां मध्यम वर्ग को बड़ी राहत देने का ऐलान किया गया है तो वहीं बजट में पर्यावरण से जुड़ी घोषणाओं पर पर्यावरणविद भी बेहद उत्साहित हैं. पर्यावरणविदों का कहना है कि बजट 2025 हरित विकास की दिशा में एक और कदम है क्योंकि केंद्रीय बजट 2025-26 में भारत की सस्टेनेबल डेवलपमेंट यात्रा को आगे बढ़ाने के लिए कई अहम घोषणाएं की गई हैं.
इस बजट में सरकार ने क्लीन एनर्जी, घरेलू उत्पादन और कृषि को मजबूती देने के लिए बड़े कदम उठाए हैं. इस बजट को करदाताओं के अनुकूल बताया जा रहा है, जिसमें ऐसे कई प्रावधान हैं जो क्लीन एनर्जी और परिवहन व्यवस्था को गति देंगे.
इनोवेशन और घरेलू निर्माण को बढ़ावा
महुआ आचार्य, संस्थापक, CEO, INTENT, कहती हैं कि बजट 2025 में क्लीन टेक निर्माण पर विशेष ध्यान दिया गया है, जो भारत को हरित विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ाने में मदद करेगा. ग्रिड-स्केल बैटरियों, EV बैटरियों और सोलर PV निर्माण को समर्थन देना सही दिशा में उठाया गया कदम है.
इस बार के बजट में घरेलू उद्योगों को सशक्त बनाने पर खास जोर दिया गया है. खासतौर पर, सोलर पैनल, इलेक्ट्रिक व्हीकल बैटरियां, विंड टरबाइन, हाई-वोल्टेज ट्रांसमिशन उपकरण और ग्रीन हाइड्रोजन जैसे क्षेत्रों में विनिर्माण क्षमता बढ़ाने की योजना बनाई गई है. सरकार ने कई महत्वपूर्ण खनिजों- जैसे कोबाल्ट पाउडर, लिथियम-आयन बैटरी स्क्रैप, लेड और जिंक- पर कस्टम ड्यूटी हटा दी है. इसका मतलब है कि इन उद्योगों में कच्चे माल की लागत कम होगी, जिससे स्थानीय स्तर पर उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा और नई नौकरियों के अवसर बनेंगे. हालांकि, इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग, जो कर संरचना में राहत की उम्मीद कर रहा था, उसे इस बजट में खास जगह नहीं मिली.
छोटे व्यवसायों और स्टार्टअप्स के लिए राहत

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