
बंगाल के हॉस्पिटल में हंगामा, जूनियर डॉक्टर्स और नर्सों से मारपीट, 4 आरोपी गिरफ्तार
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बैरकपुर के पुलिस आयुक्त आलोक राजोरिया ने कहा कि शुक्रवार शाम को कॉलेज ऑफ मेडिसिन और सगोर दत्ता अस्पताल में डॉक्टरों और नर्सों पर हमला करने के आरोप में 4 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. हमें अस्पताल के अधिकारियों से विशेष शिकायतें मिली हैं.
पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के सगोर दत्ता अस्पताल के जूनियर डॉक्टरों और नर्सों ने एक मरीज के रिश्तेदारों द्वारा कथित तौर पर हमला किए जाने के बाद 'काम बंद करो' आंदोलन किया. पुलिस ने इस मामले में 4 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार किए गए लोग 30 वर्षीय महिला मरीज के परिवार के सदस्य हैं, जिसकी इलाज के दौरान मौत हो गई थी.
बैरकपुर के पुलिस आयुक्त आलोक राजोरिया ने कहा कि शुक्रवार शाम को कॉलेज ऑफ मेडिसिन और सगोर दत्ता अस्पताल में डॉक्टरों और नर्सों पर हमला करने के आरोप में 4 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. हमें अस्पताल के अधिकारियों से विशेष शिकायतें मिली हैं. अस्पताल से सीसीटीवी फुटेज को सबूत के तौर पर जब्त कर लिया गया है. आरोपियों को बैरकपुर की एक अदालत में पेश किया गया.
पुलिस ने कहा कि हम सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रहे हैं, ताकि पता लगाया जा सके कि इस मामले में कुछ और लोग भी शामिल थे या नहीं. पश्चिम बंगाल के स्वास्थ्य सचिव नारायण स्वरूप निगम ने सगोर दत्ता मेडिकल कॉलेज अस्पताल का दौरा किया और जूनियर डॉक्टरों और नर्सों से मुलाकात की. डॉक्टरों से मुलाकात के बाद निगम ने कहा कि वे सुरक्षा को लेकर चिंतित थे और इसीलिए हम यहां आए हैं. उनसे बात की गई है और जो घटना हुई है वह गलत है. पुलिस की तैनाती और बढ़ा दी गई है. आज से निगरानी के लिए अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं. नर्सों और जूनियर डॉक्टरों की राय सुनी गई है.
उन्होंने कहा कि हम सभी तरह के एहतियाती कदम उठाएंगे. उत्तर 24 परगना जिले के कमरहाटी स्थित अस्पताल में हुए हमले में तीन जूनियर डॉक्टर, तीन नर्स और स्वास्थ्यकर्मी घायल हो गए हैं. अधिकारियों ने बताया कि घटना के बाद अस्पताल में रैपिड एक्शन फोर्स समेत बड़ी संख्या में पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया है.
ये घटना कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में ट्रेनी महिला डॉक्टर के रेप और मर्डर के विरोध में जूनियर डॉक्टरों द्वारा अस्पतालों में आवश्यक सेवाएं फिर से शुरू करने के एक सप्ताह बाद सामने आई है. बता दें कि जूनियर डॉक्टर्स ने 41 दिनों के विरोध प्रदर्शन के बाद हड़ताल वापस ले ली थी.

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