
फिल्म निर्माता सुभाष घई की तबीयत बिगड़ी, मुंबई के लीलावती अस्पताल में भर्ती
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फिल्म निर्माता सुभाष घई को मुंबई के लीलावती अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया है. हालांकि, घई के प्रतिनिधि ने एक बयान जारी कर बताया कि फिल्म निर्माता को नियमित जांच के लिए भर्ती कराया गया था.
फिल्म निर्माता सुभाष घई को मुंबई के लीलावती अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, घई को बुधवार शाम को सांस संबंधी समस्या, कमजोरी, बार-बार चक्कर आना, याददाश्त में कमी और बोलने में कठिनाई के बाद अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया था. हालांकि, घई के प्रतिनिधि ने एक बयान जारी कर बताया कि फिल्म निर्माता को नियमित जांच के लिए भर्ती कराया गया था.
घई के प्रतिनिधि के एक बयान में कहा गया, 'हम बताना चाहते हैं कि सुभाष घई बिल्कुल ठीक हैं. उन्हें नियमित जांच के लिए भर्ती कराया गया है और उनकी हालत में सुधार है. आप सभी के प्यार और चिंता के लिए धन्यवाद.'
पिछले महीने, 79 वर्षीय निर्देशक ने पत्रकार और लेखिका सुवीन सिन्हा द्वारा सह-लिखित 'कर्मा चाइल्ड' नामक अपनी आत्मकथा लॉन्च की. सुभाष घई ने 'राम लखन', 'खलनायक', 'परदेस', 'ताल' जैसी कई मशहूर फ़िल्में दी हैं.
कई पुरस्कारों से सम्मानित इसके अलावा सुभाष घई ने 'कालीचरण', 'कर्ज़', 'सौदागर', 'हीरो', 'विधाता', 'मेरी जंग', 'कर्मा' जैसी कई फिल्मों का निर्देशन किया है. उन्होंने आखिरी बार 2014 में फिल्म 'कांची' का डायरेक्शन किया था. सुभाष घई को भारतीय सिनेमा में उनके योगदान के लिए कई पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है.
हाल ही में एक इंटरव्यू में निर्देशक और निर्माता ने 90 के दशक और वर्तमान पीढ़ी के एक्टर के बीच अंतर के बारे में बात की. उन्होंने कहा, '90 के दशक के अभिनेता भावनात्मक रूप से फिल्मों से जुड़े हुए थे. अभी जितने एक्टर हैं, वो पेशेवर रूप से जुड़े हुए हैं. पेशेवर रूप से मतलब है कट-टू-कट, 9-5. भावनात्मक रूप से मतलब है 24x7.'
नागपुर में जन्मे सुभाष शुरू से ही एक्टर बनना चाहते थे. लेकिन उन्होंने कितने कलाकारों को सुपरस्टार बना दिया. राज कपूर के बाद सुभाष घई को बॉलीवुड का दूसरा शोमैन कहा जाता है. साल 2006 में उन्हें फिल्म 'इकबाल' के लिए राष्ट्रीय सम्मान से भी सम्मानित किया गया था.

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