
फिल्मों में एंट्री करेंगे सलमान के भतीजे निर्वाण खान, पापा Sohail Khan ने कही ये बात
AajTak
सोहेल खान ने अफवाहों की पुष्टि करते हुए बताया कि ये सच है कि निर्वाण फिल्मों में एंट्री करना चाहते हैं. उन्होंने कहा, 'मैं उम्मीद करता हूं कि जल्द किसी डायरेक्टर या एक्टर के साथ काम करना शुरू कर देंगे.' 23 साल के निर्वाण के बॉलीवुड डेब्यू को लेकर सोहेल खान ने बात की है.
सलमान खान बॉलीवुड के भाईजान हैं. उन्होंने कई एक्टर्स और एक्ट्रेसेज को हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में ब्रेक दिलवाया है. कई दिनों से खबरें आ रही हैं कि सलमान के छोटे भाई सोहेल खान के बेटे निर्वाण खान भी फिल्मों में एंट्री करने के लिए तैयार हैं. 23 साल के निर्वाण खान एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री का हिस्सा बनने और एक्टर बनने में दिलचस्पी रखते हैं. ऐसे में अब सोहेल ने बेटे को लेकर बात की है.
फिल्मों में एंट्री करेंगे निर्वाण
सोहेल खान ने अफवाहों की पुष्टि करते हुए बताया कि ये सच है कि निर्वाण फिल्मों में एंट्री करना चाहते हैं. उन्होंने कहा, 'मैं उम्मीद करता हूं कि जल्द किसी डायरेक्टर या एक्टर के साथ काम करना शुरू कर देंगे.' हालांकि सोहेल का कहना ये भी है कि उनके बेटे को किसी डायरेक्टर के साथ करीब से काम करने के बजाए किसी एक एक्टर के साथ काम करना चाहिए.
उन्होंने कहा, 'अगर आपको अच्छा एक्टर बनना है तो पता नहीं क्यों लोग डायरेक्टर के असिस्टेंट बन जाते हैं. सीनियर एक्टर्स को अपने जूनियर एक्टर्स को अपने आसपास रहने और खुद से सीखने का मौका देना चाहिए. मुझे बहुत अच्छा लगेगा अगर निर्वाण अजय देवगन, अक्षय कुमार, पंकज त्रिपाठी, नाना पाटेकर, शाहिद कपूर जैसे एक्टर्स को असिस्ट करे, उन्हें काम करते देखे और उनके साथ लाइन्स पढ़े तो.'
सोहेल ने कहा कि ये भी जरूरी है कि इन एक्टर्स से निर्वाण को डांट भी पड़ती रहनी चाहिए. उन्होंने कहा, 'निर्वाण उनके लिए स्पॉट पर भी खड़े रहे मैं ऐसा सोचता हूं. अगर वो एक्टर के असिस्टेंट के रूप में काम करता है, तो वो इस क्राफ्ट को और बेहतर तरीके से सीख सकता है.'
अरबाज खान का बेटा भी नहीं पीछे

स्पाई-एक्शन फिल्म 'धुरंधर: द रिवेंज' बॉक्स ऑफिस पर सफल हो रही है, जिसमें बिमल ओबेरॉय ने शिरानी अहमद बलोच का किरदार निभाकर अपनी छाप छोड़ी है. ये किरदार पाकिस्तान की राजनीति और कट्टरपंथी सोच से जुड़ा है. फिल्म में शिरानी बलोच का रोल आतंकवादी नेटवर्क और कट्टर संगठनों की मानसिकता को दर्शाता है, जो कहानी में सस्पेंस और तनाव बढ़ाता है.












