
फिर खुली ट्रूडो के झूठ की पोल, निज्जर केस में पुलिस चीफ बोले- नहीं हैं पुख्ता सबूत
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खालिस्तानी आतंकी निज्जर को गुरुद्वारे के बाहर गोली मारी गई थी. यह मामला भारत और कनाडा के बीच उच्च-दांव वाले कूटनीतिक गतिरोध में बदल गया है. अब रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (RCMP) के कमिश्नर माइक डुहेम ने कनाडा के CTV न्यूज को इस मामले पर बड़ा बयान दिया है.
खालिस्तानी आतंकी निज्जर मर्डर केस पर कनाडाई पीएम ने क्या कुछ नहीं कहा. जस्टिन ट्रूडो ने इस मुद्दे पर भारत से रिश्ते खराब करने में कोई कसर नहीं छोड़ी. भारतीय राजनयिकों पर गंभीर आरोप लगाए. ट्रूडो के इतना सब करने के बाद अब कनाडा के पुलिस कमिश्नर कह रहे हैं कि इस हत्याकांड में भारत के संलिप्तता को लेकर कोई सबूत नहीं हैं. कमिश्नर का बयान हैरान करने वाला इसलिए भी है क्योंकि उनका स्टेटमेंट ट्रूडो के उस बयान को सिरे से खारिज करता है, जिसमें कनाडाई पीएम ने भारत सरकार पर सीधे आरोप लगाए थे.
दरअसल, खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या पिछले साल जून में कनाडा के वैंकूवर हुई थी. निज्जर को गुरुद्वारे के बाहर गोली मारी गई थी. यह मामला भारत और कनाडा के बीच उच्च-दांव वाले कूटनीतिक गतिरोध में बदल गया है. अब रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (RCMP) के कमिश्नर माइक डुहेम ने कनाडा के CTV न्यूज को इस मामले पर बड़ा बयान दिया है.
हाई कमिश्नर पर कनाडा लगाने लगा था आरोप
ड्यूहेम का बयान ट्रूडों के आरोपों से बिल्कुल भी मेल नहीं खाता है. 14 अक्टूबर को कनाडा के अधिकारियों ने इस मामले में एक प्रेस कांफ्रेंस की थी, जिसमें आरोप गया था कि उन्हें निज्जर की हत्या के मामले में भारतीय एजेंट्स का संबंध होने के पुख्ता सबूत मिले हैं. RCMP ने कहा था कि भारतीय एजेंट्स न केवल टारगेट किलिंग के पीछे थे, बल्कि कनाडा के दक्षिण एशियाई प्रवासियों को जबरदस्ती और धमकियां देने में भी लगे हुए थे. भारत का गुस्सा तब फूट पड़ा था, जब कनाडा ने सीधे भारत के हाई कमिश्नर संजय वर्मा को टारगेट करना शुरू कर दिया था. हालांकि, भारतीय हाई कमिश्नर ने स्पष्ट कर दिया था कि कनाडा झूठे और बेबुनियाद आरोप लगा रहा है. बाद में भारत ने हाई कमिश्नर सहित 6 राजनयिकों को कनाडा से वापस बुला लिया.
कनाडा की पुलिस ने दिया विरोधाभासी बयान
हाल ही में जब कनाडाई मीडिया CTV न्यूज ने ड्यूहेम से पूछा कि क्या निज्जर हत्या केस में भारत की संलिप्तता को लेकर जांच की जा रही है तो उन्होंने कहा,'हम कई जांच कर रहे हैं. हम सुराग और सबूतों के आधार पर बात करते हैं. कभी-कभी पता नहीं होता है कि केस आपको किस मोड़ पर लेकर जा रहा है. जब केस शुरू होता है तो फाइल में कुछ भी सामने आ सकता है. आपको पता नहीं होता कि फाइल आपको कहां ले जा सकती है. कुछ फाइलें भारत सरकार तक ले जा सकती हैं. दूसरी फाइलें भारत सरकार तक नहीं ले जा सकती हैं.'

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