
प्रियंका गांधी पार्ट टाइम नेता... 'छोटे कद' वाले बयान पर सिंधिया का पलटवार
AajTak
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने प्रियंका गांधी पर पलटवार करते हुए कहा कि वह पार्ट टाइम लीडर हैं. उन्होंने कहा कि काबिलियत को कद से तोलने वाले अहंकार का पाठ पढ़ाने से पहले खुद को आइने में देख लें. सिंधिया परिवार ने भ्रष्टाचारियों और वादाखिलाफियों के शासन को बार-बार बदला है और एक बार फिर जनता मध्य प्रदेश से आपका सूपड़ा साफ करने जा रही है.
मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव प्रचार के आखिरी दिन बुधवार को कांग्रेस की वरिष्ठ नेता प्रियंका गांधी ने ज्योतिरादित्य सिंधिया पर जमकर निशाना साधा. वह सिंधिया को गद्दार कहने से भी नहीं चूकीं. लेकिन अब सिंधिया ने प्रियंका पर पलटवार करते हुए उन्हें पार्ट टाइम लीडर बताया है.
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि प्रियंका गांधी जी पार्ट टाइम नेत्री हैं. उन्होंने कहा कि काबिलियत को कद से तोलने वाले अहंकार का पाठ पढ़ाने से पहले कृपया आइने में झांक लें. सिंधिया परिवार ने भ्रष्टाचारियों और वादाखिलाफियों के शासन को बार-बार बदला है और एक बार फिर जनता मध्य प्रदेश से आपका सूपड़ा साफ करने जा रही है.
सिंधिया ने कहा कि किस परिवार के सपूतों ने अफगानों से लेकर मुगलों और अंग्रेजों तक से भारत माता की रक्षा के लिए जान की कुर्बानी दी थी और किसने चीन से भारत की रक्षा करना तो दूर, उन्हें भारतीय जमीन ही भेंट के रूप में दे दी थी? किस परिवार की दूसरी पीढ़ी ने सत्ता के लोभ में इमरजेंसी लगाई थी? आज भी किस परिवार की वर्तमान पीढ़ी स्वयं विदेशी मंचों पर जाकर देश को बदनाम कर रही है?
सिंधिया ने कहा कि काबिलियत को कद से तोलने वाले अहंकार का पाठ पढ़ाने से पहले कृपया स्वयं आइने में झांक लें. अपने भाषण के दौरान ग्वालियर चंबल को ग्वालियर-चंबा कहने वालीं प्रियंका गांधी जी को मेरे परिवार पर आक्रमण करने के लिए भी एक पर्चे पर लिखी लाइनों की जरूरत पड़ी. उनकी सोच और ग्वालियर चंबल को लेकर समझ कितनी है, इसका अंदाजा भी लग गया. ग्वालियर-चंबल की जनता से मेरा अनुरोध है कि इस अपमान और निम्न स्तर के भाषण का जवाब 17 नवंबर को अपना मतदान करके जरूर दें और कांग्रेस पार्टी को सबक सिखाएं.
क्या कहा था प्रियंका गांधी ने?
प्रियंका गांधी ने मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर पार्टी के उम्मीदवार के लिए प्रचार करते हुए कहा था कि क्या आप सिंधिया जी को जानते हैं? हमने उत्तर प्रदेश में मिलकर काम किया है. हम यूपी के लोग हमारी शिकायतें और गुस्सा जता देते हैं. हम अपना गुस्सा जाहिर कर देते हैं. हमारी आदत उन्हें महाराज कहने की नहीं है.

दिल्ली के सदर बाजार में गोरखीमल धनपत राय की दुकान की रस्सी आज़ादी के बाद से ध्वजारोहण में निरंतर उपयोग की जाती है. प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल के बाद यह रस्सी नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाने लगी. इस रस्सी को सेना पूरी सम्मान के साथ लेने आती है, जो इसकी ऐतिहासिक और भावनात्मक महत्ता को दर्शाता है. सदर बाजार की यह रस्सी भारत के स्वाधीनता संग्राम और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बनी हुई है. देखिए रिपोर्ट.

संभल में दंगा मामले के बाद सीजेएम के तबादले को लेकर विवाद शुरू हो गया है. पुलिस के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए गए थे लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की. इस पर सीजेएम का अचानक तबादला हुआ और वकील प्रदर्शन कर रहे हैं. समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और AIMIM ने न्यायपालिका पर दबाव बनाने का आरोप लगाया है. इस विवाद में राजनीतिक सियासत भी जुड़ी है. हाई कोर्ट के आदेशानुसार जजों के ट्रांसफर होते हैं लेकिन इस बार बहस हुई कि क्या यहां राज्य सरकार ने हस्तक्षेप किया.

दावोस में भारत वैश्विक आर्थिक चुनौतियों का सामना करने और एक बेहतर भविष्य बनाने के लिए पूरी तैयारी कर रहा है. इस संदर्भ में सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव से खास बातचीत की गई जिसमें उन्होंने बताया कि AI को लेकर भारत की क्या योजना और दृष्टिकोण है. भारत ने तकनीकी विकास तथा नवाचार में तेजी लाई है ताकि वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे रह सके. देखिए.

महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनावों के बाद ठाणे जिले के मुंब्रा क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं. एमआईएम के टिकट पर साढ़े पांच हजार से अधिक वोट के अंतर से जीत हासिल करने वाली सहर शेख एक बयान की वजह से चर्चा में हैं. जैसे ही उनका बयान विवादास्पद हुआ, उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका बयान धार्मिक राजनीति से जुड़ा नहीं था. सहर शेख ने यह भी कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है और वे उस तरह की राजनीति का समर्थन नहीं करतीं.

नोएडा के सेक्टर 150 में इंजीनियर युवराज मेहता की दर्दनाक मौत के बाद योगी सरकार ने जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है. हादसे के जिम्मेदार बिल्डर अभय कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि नोएडा अथॉरिटी के अधिकारियों पर भी गाज गिरी है. प्रशासन ने अब भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम शुरू कर दिए हैं.

महाराष्ट्र के ठाणे में तीन नाबालिग लड़कियों के लापता होने से सनसनी फैल गई. कल्याण के बारावे गांव से दो सगी बहनें और उनकी 13 साल की भांजी घर से निकलने के बाद वापस नहीं लौटीं. परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. एक अहम सूचना के आधार पर पुलिस टीम को लखनऊ भेजा गया है, जहां लड़कियों की तलाश की जा रही है.

छत्तीसगढ़ के रायपुर में मिड-डे मील योजना से जुड़े हजारों रसोइया और सहायिकाएं अपनी मांगों को लेकर तूता मैदान में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं. रसोइया संघ के अध्यक्ष के अनुसार, उन्हें मात्र 66 रुपये प्रतिदिन मानदेय मिलता है, जो उनके परिवार का खर्च चलाने के लिए अपर्याप्त है. ठंड के बावजूद वे 22 दिनों से धरना दे रहे हैं पर शासन के कोई प्रतिनिधि उनसे अब तक नहीं मिले हैं.

आठवीं शताब्दी में आदि शंकराचार्य ने चार शंकराचार्य पीठों की स्थापना की. उद्देश्य था हिंदू धर्म और दर्शन को बचाना और आगे बढ़ाना. ऐसा हुआ भी. लेकिन पिछली एक सदी में कई और शंकराचार्य पीठ गढ़ ली गईं. इन पर बैठने वालों में कलह आम हुई. चुनावी लाभ, उत्तराधिकार का झगड़ा, राजनीतिक हस्तक्षेप, और व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं ने इस पद को धार्मिक से ज्यादा राजनीतिक बना दिया है.





