
प्याज की बढ़ती कीमतों पर कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दिया जवाब
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सरकार ने दिसंबर 2023 में कमजोर मानसून की वजह से रसोई के मुख्य खाद्य पदार्थों की संभावित कमी का हवाला देते हुए प्याज के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया था. इस प्रतिबंध को मार्च 2024 तक बढ़ा दिया गया था.
पिछले कुछ महीनों में प्याज की कीमतों में उछाल के बीच केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को प्याज की कीमतों में उछाल की वजहों के बारे में बात की. उन्होंने, "प्याज की कीमतों में उछाल इसलिए आया क्योंकि सरकार ने प्याज पर लगे निर्यात प्रतिबंध को हटा दिया है. एक्सपोर्ट शुल्क 40 फीसदी से घटाकर 20 फीसदी किया गया है, जिससे प्याज के दामों में बढ़ोतरी हुई है."
दिसंबर 2023 में सरकार ने कमजोर मानसून की वजह से रसोई के मुख्य खाद्य पदार्थों की संभावित कमी का हवाला देते हुए प्याज के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया था. इस प्रतिबंध को मार्च 2024 तक बढ़ा दिया गया था. हालांकि, इस साल मई में सरकार ने निर्यात प्रतिबंध हटा लिया, लेकिन कुछ प्रतिबंध लगा दिए.
मई के आदेश के मुताबिक, यह सुनिश्चित करने के लिए कि प्याज को कम कीमत पर निर्यात न किया जाए, सरकार ने 555 डॉलर का न्यूनतम निर्यात मूल्य (MEP) लगाया था. इसके साथ ही, 40 फीसदी का निर्यात शुल्क भी लगाया गया था. बाद में सितंबर के दौरान सरकार ने निर्यात बजट में 40 फीसदी की कटौती करके उसे आधा कर दिया और निर्यात को एमईपी से छूट दे दी.
सोयाबीन पर क्या बोले शिवराज?
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा, "मलेशिया और इंडोनेशिया से पाम ऑयल का आयात शून्य प्रतिशत शुल्क पर किया जाता है, जिससे सोयाबीन किसान प्रभावित होते हैं." उन्होंने कहा कि किसानों को सोयाबीन का उचित मूल्य मिल सके, इसके लिए केंद्र ने 27.5 फीसदी आयात शुल्क लगाया है. सोयाबीन का एमएसपी 4,892 रुपये है, केंद्र सरकार ने महाराष्ट्र सरकार को एमएसपी पर सोयाबीन खरीदने की अनुमति दी है.
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