
पूजा खेडकर की दिव्यांगता को लेकर अस्पताल और फिजियोथेरेपी विभाग का अलग-अलग दावा, आजतक के पास एक्सक्लूसिव दस्तावेज
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पूजा ने वाईसीएम के डॉक्टरों को बताया कि वह 2018 में एक छोटी दुर्घटना की शिकार हो गई थीं. इसी वजह से उनका बायां घुटना चोटिल हो गया. लेकिन जांच के दौरान वाईसीएम के डॉक्टरों द्वारा 2018 का कोई मेडिकल साक्ष्य सत्यापित नहीं किया गया. बिना एमआरआई स्कैन कराए ही डॉक्टरों ने उन्हें फिजियोथेरेपी की सलाह दे दी.
यशवंतराव चव्हाण मेमोरियल अस्पताल (YCMH) ने 25 जुलाई को कहा था कि उनकी आंतरिक जांच में पाया गया है कि ट्रेनी आईएएस अधिकारी पूजा खेडकर को दिव्यांगता प्रमाण पत्र जारी करने में कोई गलती नहीं हुई थी. प्रमाण पत्र की वैधता के संबंध में सवाल उठने के बाद अस्पताल के डीन डॉ. राजेंद्र वाबले के नेतृत्व में जांच शुरू की गई थी, जिसमें खेडकर को 7 प्रतिशत दिव्यांग घोषित किया गया था. जांच जिला कलेक्टर के आदेश पर की गई, जिन्होंने मामले पर स्पष्टीकरण मांगा था.
हालांकि, यशवंतराव चव्हाण मेमोरियल अस्पताल के फिजियोथेरेपी विभाग की रिपोर्ट में कहा गया था कि पूजा खेडकर को कोई दिव्यांगता नहीं है. अस्पताल प्रशासन ने इसके बावजूद उनके बाएं घुटने में 7 फीसदी लोकोमोटर दिव्यांगता का सर्टिफिकेट जारी किया. आजतक के पास इसके एक्सक्लूसिव दस्तावेज मौजूद हैं, जो फिजियोथेरेपी विभाग और अस्पताल प्रशासन के फैसले में विरोधाभास को उजागर करते हैं.
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पूजा खेडकर ने लोकोमोटर दिव्यांगता प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए 23 अगस्त, 2022 को यशवंतराव चव्हाण मेमोरियल अस्पताल से संपर्क किया. इसके लिए उन्होंने अपने फर्जी राशन कार्ड डिटेल्स के आधार पर फर्जी एड्रेस प्रूफ दिया था. 24 अगस्त, 2022 को पूजा को लोकोमोटर विकलांगता प्रमाण पत्र प्राप्त हुआ. पूजा ने वाईसीएम के डॉक्टरों को बताया कि वह 2018 में एक छोटी दुर्घटना की शिकार हो गई थीं. इसी वजह से उनका बायां घुटना चोटिल हो गया.
लेकिन जांच के दौरान वाईसीएम के डॉक्टरों द्वारा 2018 का कोई मेडिकल साक्ष्य सत्यापित नहीं किया गया. बिना एमआरआई स्कैन कराए ही डॉक्टरों ने उन्हें फिजियोथेरेपी की सलाह दे दी. इसके बाद पूजा ने वाईसीएम हॉस्पिटल के फिजियोथेरेपी विभाग में जांच करायी, लेकिन फिजियोथेरेपी विभाग को रेजिडेंट डॉक्टर द्वारा दिखाई गई 7% लोकोमोटर दिव्यांगता नहीं मिली. इसके विपरीत, फिजियोथेरेपी विभाग ने बताया कि पूजा खेडेकर के घुटने में कोई दिव्यांगता नहीं थी.

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