
पुतिन के भारत दौरे में रूस ने इस बात को लेकर जताई गहरी चिंता
AajTak
रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने भारत से एशिया-प्रशांत क्षेत्र में अमेरिकी गतिविधियों को लेकर चिंता ज़ाहिर की है. लावरोव ने ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन और संयुक्त राज्य अमेरिका की नई रक्षा साझेदारी, AUKUS पर भी सवाल उठाए हैं.
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भारत दौरे पर आए तो एक तरफ जहां भारत के साथ दोस्ती की अहमियत पर जोर दिया वहीं एशिया के इस इलाके में अमेरिका के बढ़ते प्रभाव को लेकर रूस ने अपनी चिंता भारत के सामने रखी. रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 21वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए सोमवार को भारत आए थे. पुतिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाक़ात के दौरान भारत को एक 'ताक़तवर और मित्र देश' बताते हुआ कहा कि सैन्य सहयोग समेत कई क्षेत्रों में दोनों देश मिलकर काम कर रहे हैं. पुतिन के दौरे में दोनों देशों के रक्षा और विदेश मंत्रियों की भी अलग से बैठकें हुईं. इस बैठक को 2+2 डायलॉग कहा जाता है.

वॉशिंगटन में शांति परिषद की पहली बैठक में गाजा पट्टी की वर्तमान स्थिति और क्षेत्रीय स्थिरता पर गहन चर्चा हुई. बैठक में अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भूमिका को मजबूत करने पर जोर दिया गया और निर्णय लिया गया कि गाजा में शांति बनाए रखने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल तैनात किया जाएगा. इस बल में इंडोनेशिया, मोरक्को, कजाकिस्तान, कोसोवो और अल्बानिया जैसे पांच देश अपने सैनिक भेजेंगे. देखें वीडियो.

आज सबसे पहले आपको उस रिपोर्ट के बारे में बताएंगे, जिसके मुताबिक अमेरिका ने ईरान पर हमले की तारीख मुकर्रर कर दी है. और ये हमला इस हफ्ते के आखिर तक हो सकता है. ट्रंप ने ईरान को धमकी देते हुए कहा है कि ईरान नहीं माना तो हमला होगा. रमज़ान का महीना शुरू हो गया है और ये मुसलमानों के लिए पाक महीना माना जाता है. ऐसे में सवाल उठता है कि अगर अमेरिका ने ईरान पर रमजान के महीने में हमला किया तो मुस्लिम देश क्या करेंगे?











