
पीएम मोदी के जापान दौरे के बीच QUAD पर क्यों भड़का चीन?
AajTak
चीनी विदेश मंत्री वांग का यह बयान ऐसे वक्त पर आया, जब 24 मई को टोक्यो में क्वाड समिट का आयोजन होना है. इसमें पीएम मोदी, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन और जापान-ऑस्ट्रेलिया के पीएम शामिल होंगे. पिछले साल सितंबर में जो बाइडेन ने वॉशिंगटन में क्वाड नेताओं की मीटिंग बुलाई थी.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जापान दौरे पर हैं. यहां वे 24 मई को क्वाड समिट में हिस्सा लेंगे. क्वाड समिट को लेकर चीन ने अपनी भड़ास निकाली है. चीन का कहना है कि इसका विफल होना तय है, क्योंकि अमेरिका ने चीन को नियंत्रित करने के लिए यह कवायद शुरू की है. चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक सवाल के जवाब में कहा, इंडो-पैसिफिक रणनीति अंतरराष्ट्रीय समुदाय में खासकर एशिया-पैसिफिक क्षेत्र में अधिक सतर्कता और चिंता पैदा कर रही है. वांग ने कहा, अमेरिका की इंडो-पैसिफिक रणनीति का असफल होना तय है.
अमेरिका और क्वाड पर भड़का चीन
चीनी विदेश मंत्री वांग का यह बयान ऐसे वक्त पर आया, जब 24 मई को टोक्यो में क्वाड समिट का आयोजन होना है. इसमें पीएम मोदी, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन और जापान-ऑस्ट्रेलिया के पीएम शामिल होंगे. पिछले साल सितंबर में जो बाइडेन ने वॉशिंगटन में क्वाड नेताओं की मीटिंग बुलाई थी.
वांग ने कहा, अमेरिका ने स्वतंत्रता और खुलेपन के नाम पर इंडो-पैसिफिक रणनीति बनाई है. चीन का दावा है कि क्वाड का इरादा चीन के आसपास के वातावरण को बदलने का है. इसका उद्देश्य चीन को नियंत्रित करना और एशिया-पैसिफिक देशों को अमेरिकी आधिपत्य के प्यादे के तौर पर काम करना है. उन्होंने कहा, जो चीज विशेष रूप से खतरनाक है वह यह है कि अमेरिका "ताइवान" और "दक्षिण चीन सागर" कार्ड खेल रहा है.
चीनी विदेश मंत्री ने कहा, इंडो-पैसिफिक रणनीति सही मायने में विभाजन पैदा करने, टकराव को भड़काने और शांति को कम करने की रणनीति है. उन्होंने कहा, कोई फर्क नहीं पड़ता कि यह कितनी गुप्त है, लेकिन यह अंत में विफल हो जाएगी.
वांग ने कहा कि इंडो-पैसिफिक अवधारणा न सिर्फ एशिया-पैसिफिक के नाम और क्षेत्र में प्रभावी क्षेत्रीय सहयोग वास्तुकला को मिटाने की कोशिश है, बल्कि देशों के ठोस प्रयासों द्वारा बनाई गई शांतिपूर्ण विकास की उपलब्धियों को मिटाने की भी कोशिश है, जो कई दशकों से देशों द्वारा बनाई गई है. वांग ने कहा कि एशिया-पैसिफिक क्षेत्र भू-राजनीतिक मंच के बजाय शांतिपूर्ण विकास की भूमि होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि एशिया-पैसिफिक को किसी ब्लॉक, 'नाटो या शीत युद्ध' में तब्दील करने की कोशिश कभी सफल नहीं होगी.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान जंग पर राज्यसभा में कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे इस युद्ध को तीन हफ्ते से ज्यादा का समय हो चुका है. इसने पूरे विश्व को गंभीर ऊर्जा संकट में डाल दिया है. इसका असर भारत पर भी पड़ रहा है. गल्फ देशों में करीब एक करोड़ भारतीय रहते हैं, वहां काम करते हैं. उनके जीवन की रक्षा भी भारत के लिए चिंता का विषय है. होर्मुज स्ट्रेट में बड़ी संख्या में जहाज फंसे हैं. उनके क्रू मेंबर्स भी अधिकतर भारतीय हैं. यह भी भारत के लिए चिंता का विषय है. ऐसे में जरूरी है कि भारत के इस उच्च सदन से दुनिया में संवाद का संदेश जाए. हम गल्फ के देशों के साथ लगातार संपर्क में हैं. हम ईरान, इजरायल और अमेरिका के साथ भी संपर्क में हैं. हमने डीएस्केलेशन और होर्मुज स्ट्रेट खोले जाने पर भी लगातार बात की है. भारत ने नागरिकों पर, सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर पर, एनर्जी और ट्रांसपोर्टेशन इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों का विरोध किया है.

राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) ने 10वीं कक्षा का फाइनल रिजल्ट 2026 घोषित कर दिया है. इस वर्ष लगभग 10 लाख छात्र परीक्षा में शामिल हुए. परिणाम आधिकारिक वेबसाइट rajeduboard.rajasthan.gov.in और rajresults.nic.in पर लाइव कर दिए गए हैं. बोर्ड ने मूल्यांकन प्रक्रिया रिकॉर्ड समय में पूरी की है ताकि नया शैक्षणिक सत्र एक अप्रैल से शुरू हो सके.











