
पीएम मोदी की हाई लेवल मीटिंग, राजनाथ सिंह-अजीत डोभाल के साथ तीनों सेनाओं के प्रमुख भी मौजूद
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जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद केंद्र सरकार लगातार एक्शन मोड में नजर आ रही है. पाकिस्तान पर कई तरह की पाबंदियां लगाने के बाद अब मंगलवार को आगे की रणनीति के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाई गई.
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद केंद्र सरकार लगातार एक्शन मोड में नजर आ रही है. पाकिस्तान पर कई तरह की पाबंदियां लगाने के बाद अब मंगलवार को आगे की रणनीति के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाई गई. इस बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल और चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान शामिल हैं.
बैठक में थलसेना अध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी और नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी भी मौजूद हैं. इस महत्वपूर्ण बैठक में पहलगाम हमले के बाद की सुरक्षा स्थिति, आतंकियों के खिलाफ चल रहे ऑपरेशनों और भविष्य की रणनीति पर गहन विचार-विमर्श किया गया.
जानकारी के मुताबिक प्रधानमंत्री आवास पर हो रही इस बैठक में हमले की परिस्थितियों, सुरक्षाबलों की कार्रवाई और आगे की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हो रही है. सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री ने पहलगाम हमले के दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि अमरनाथ यात्रा व अन्य नागरिक गतिविधियों की सुरक्षा में कोई चूक न हो.
बता दें कि 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले में 26 लोगों की जान चली गई थी. इसके अलावा दर्जनों लोग घायल भी हुए थे. इसे हाल के वर्षों के सबसे घातक आतंकी हमलों में से एक माना जा रहा है. हमले के बाद घाटी में सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है. हमले में शामिल आतंकियों की तलाश जारी है. इसके लिए सुरक्षाबल जगह-जगह कॉम्बिंग कर रहे हैं. इस हमले के पीछे पाकिस्तान का हाथ रहा है. इसके बाद भारत सरकार ने पाकिस्तान पर कई तरह की पाबंदियां लगाने का फैसला किया.
सिंधु जल संधि भी सस्पेंड
पहलगाम अटैक के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में हुई सुरक्षा मामलों की कैबिनेट कमेटी (CCS) ने सिंधु जल संधि को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया था. यह पहली बार है जब भारत ने इतनी बड़ी और सख्त कार्रवाई की गई. भारत और पाकिस्तान के बीच तीन बड़ी जंग हो चुकी है लेकिन पहले कभी भी इस संधि को स्थगित नहीं किया गया. कैबिनेट कमेटी की बैठक में लिए गए फैसलों के बारे में विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर बताया था कि 1960 की सिंधु जल संधि तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दी गई. यह रोक तब तक रहेगी, जब तक पाकिस्तान क्रॉस बॉर्डर टेरेरिज्म को अपना समर्थन देना बंद नहीं करता.

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