
पाक इतिहास का सबसे बड़ा खलनायक आसिम मुनीर, भारत को निशाने पर लेते ही बन गया भस्मासुर
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पूर्व पेंटागन अधिकारी और अमेरिकन एंटरप्राइज इंस्टीट्यूट (AEI) के वरिष्ठ फेलो माइकल रुबिन ने पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर की तीखी आलोचना की है, विशेष रूप से पहलगाम आतंकी हमले (22 अप्रैल 2025) के बाद. रुबिन ने मुनीर को आतंकवाद को बढ़ावा देने वाला और अल-कायदा सरगना ओसामा बिन लादेन के समकक्ष बताया है.
पहलगाम अटैक के बाद भारत-पाक के बीच बढ़े तनाव के बीच पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर पाकिस्तान में सबसे बड़े खलनायक बन कर उभर रहे हैं. भारत ही नहीं पाकिस्तान में भी लोग मान रहे हैं कि भारत-पाक के बीच युद्ध जैसी स्थिति के लिए मुनीर ही जिम्मेदार हैं. आज 1971 के बाद पहली बार पाकिस्तान इतना कमजोर नजर आ रहा है तो उसके पीछे भी मुनीर को ही कारण बताया जा रहा है. पाकिस्तान के सेना प्रमुख के रूप में उन्होंने कई ऐसे कार्य किए हैं जिनके कारण पाकिस्तान को आंतरिक और बाह्य चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है.
जनरल आसिम मुनीर ने अपनी भड़काऊ बयानबाजी, आतंकवाद को बढ़ावा देने, और गलत रणनीतिक फैसलों के जरिए पाकिस्तान को अभूतपूर्व संकट में डाल दिया है . पहलगाम हमले और उनके टू-नेशन थ्योरी को बढ़ावा देने के कारण भारत के साथ तनाव को चरम पर पहुंच गया है. जबकि बलूचिस्तान, खैबर पख्तूनख्वा, और पीओके में विद्रोह ने देश को अंदर से खोखला कर दिया है.
माइकल रुबिन, एक पूर्व पेंटागन अधिकारी और अमेरिकन एंटरप्राइज इंस्टीट्यूट (AEI) के वरिष्ठ फेलो, ने पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर की तीखी आलोचना की है. रुबिन ने मुनीर को आतंकवाद को बढ़ावा देने वाला और अल-कायदा सरगना ओसामा बिन लादेन के समकक्ष बताया है. मुनीर की अलोकप्रियता, सेना के भीतर असंतोष, और जनता का गुस्सा दर्शाता है कि वह न केवल भारत के लिए, बल्कि पाकिस्तान के लिए भी खलनायक साबित हो रहे हैं. कहा जा रहा है कि मुनीर का नेतृत्व जारी रहा, तो पाकिस्तान का विखंडन और गृहयुद्ध जैसे हालात हो सकते हैं।
1. मुनीर के बयानों से आतंकवादियों को मिली हरी झंडी, पहलगाम हमला उसका परिणाम
आसिम मुनीर पर आरोप है कि उन्होंने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में अप्रैल 2025 में हुए आतंकी हमले को प्रायोजित किया, जिसमें 26-27 हिंदू पर्यटकों की हत्या हुई. यह हमला उनके भारत-विरोधी जहरीले बयानों के ठीक बाद हुआ, जिसमें उन्होंने दो-राष्ट्र सिद्धांत को बढ़ावा देते हुए कहा कि हिंदू और मुस्लिम पूरी तरह अलग हैं और कश्मीर पाकिस्तान की रगों का हिस्सा है. समझा जाता है कि उनका ये बयान आतंकवादियों के लिए इशारा था. माइकल रुबिन का कहना है कि मुनीर का बयान आतंकवादी समूहों के लिए हरी झंडी का काम किया. रुबिन ने कहा कि मुनीर के इन बयानों ने लश्कर-ए-तैयबा और उसकी प्रॉक्सी द रेसिस्टेंस फ्रंट (TRF) जैसे समूहों को पहलगाम हमले के लिए प्रेरित किया.
भारत ने इस हमले के जवाब में पाकिस्तान और PoK में आतंकी ठिकानों पर हवाई हमले किए, जिसे ऑपरेशन सिंदूर नाम दिया गया. इससे दोनों देश युद्ध के कगार पर पहुंच गए. यदि तनाव बढ़ता है, तो पाकिस्तान को सैन्य और आर्थिक नुकसान हो सकता है, क्योंकि उसकी अर्थव्यवस्था पहले से ही कमजोर है.

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