
पाकिस्तान में विदेशी राजनयिकों के काफिले पर आतंकी हमला, ब्लास्ट में एक पुलिसकर्मी की मौत
AajTak
मलकंद डिवीजन के डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल, मुहम्मद अली गंडापुर ने इस बात की पुष्टि की है कि ब्लास्ट एक रिमोट-कंट्रोल्ड डिवाइस से हुआ. उन्होंने कहा कि धमाके में कोई भी विदेशी राजनयिक हताहत नहीं हुआ. धमाके के बाद सभी राजनयिक बुरी तरह घबरा गए थे.
पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के स्वात घाटी में रविवार को एक पुलिस काफिले पर इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) से हमला हुआ. यह काफिला 24 विदेशी राजनयिकों और उनके परिवारों को सुरक्षित ले जा रहा था. इस हमले में एक पुलिस अधिकारी की मौत हो गई और तीन अन्य घायल हो गए हैं.
राजनयिक इस्लामाबाद में चैंबर ऑफ कॉमर्स (ICCI) और स्वात चैंबर ऑफ कॉमर्स के सहयोग से आयोजित एक कार्यक्रम में भाग लेने के बाद वापस जा रहे थे.
इन देशों के राजनयिक थे काफिले में शामिल
जो राजनयिक इस काफिले में शामिल थे उनमें रवांडा की उच्चायुक्त फातू हररीमाना, पुर्तगाल के राजदूत मैनुएल फेडेरिको पिन्हेरो दा सिल्वा, ताजिकिस्तान के राजदूत शरीफजादा युसूफ तोइर, जिम्बाब्वे के राजदूत अबू बसुतु टाइटस मेहलीस्वा जोनाथन, ईरान के राजदूत डॉ. रेजा अमीरी मोगादम, रूस के राजदूत अल्बर्ट खोरव, रूस के राजदूत सहित बोस्निया और हर्जेगोविना, इंडोनेशिया, कज़ाखस्तान, वियतनाम और इथियोपिया के राजनयिक शामिल थे.
यह भी पढ़ें: हिज्बुल्लाह के घर में घुसपैठ, कम्युनिकेशन सिस्टम तबाह... जानें- इजरायल ने कैसे पेजर ब्लास्ट से किए 4 ऑपरेशन
मलकंद डिवीजन के डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल, मुहम्मद अली गंडापुर ने इस बात की पुष्टि की है कि ब्लास्ट एक रिमोट-कंट्रोल्ड डिवाइस से हुआ. उन्होंने कहा कि धमाके में कोई भी विदेशी राजनयिक हताहत नहीं हुआ. धमाके के बाद सभी राजनयिक बुरी तरह घबरा गए थे.

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार दिया गया है जो पहले वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरीना मचाडो को मिला था. मचाडो ने यह पुरस्कार ट्रंप को सौंपा और ट्रंप ने इसे खुशी-खुशी स्वीकार किया. यह घटना राजनीतिक जगत में खास तूल पकड़ रही है और दोनों नेताओं के बीच इस सम्मान के आदान-प्रदान ने चर्चा का विषय बना है. ट्रंप के लिए यह एक बड़ा सम्मान है जिसका उन्होंने खुले दिल से स्वागत किया.

अमेरिका ने ईरान पर हमले की चेतावनी के बाद अपने कदम फिलहाल वापस ले लिए हैं. हाल तक अमेरिका ईरान की हवाई और समुद्री घेराबंदी कर रहा था, लेकिन अब उसने मामले को डिप्लोमेसी के माध्यम से सुलझाने का अंतिम मौका दिया है. ईरान ने प्रदर्शनकारियों को फांसी देने का फैसला किया था, जिसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने आर्मी को हमले के लिए तैयार रहने का आदेश दिया था.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि ग्रीनलैंड पर अमेरिकी नियंत्रण की उनकी योजना का समर्थन न करने वाले देशों पर टैरिफ लगाया जा सकता है. इस बयान से यूरोपीय सहयोगियों के साथ तनाव बढ़ गया है. अमेरिका, डेनमार्क और ग्रीनलैंड के बीच बातचीत जारी है, जबकि डेनमार्क और कई यूरोपीय देशों ने ग्रीनलैंड में सैन्य मौजूदगी बढ़ाने का फैसला किया है.

पाकिस्तान एक बार फिर भारत की सीमा में ड्रोन भेज रहा है. जनवरी से जम्मू कश्मीर के कई इलाकों में छोटे और कम ऊंचाई पर उड़ने वाले ड्रोन देखे गए हैं. सेना के मुताबिक ये आत्मघाती ड्रोन नहीं बल्कि निगरानी के लिए भेजे गए यूएवी हैं. माना जा रहा है कि पाकिस्तान भारत की सुरक्षा तैयारियों और प्रतिक्रिया समय को परखने की कोशिश कर रहा है.

भारत की विदेश नीति में राजनयिक तंत्र और राजनीतिक दबाव के बीच अंतर दिख रहा है. बांग्लादेश के साथ रिश्तों में नरमी के संकेत मिलने के बाद भी क्रिकेटर मुस्ताफिजुर रहमान को आईपीएल से हटाने का फैसला विवादित रहा है. इस फैसले के बाद बांग्लादेश ने भी कह दिया है कि वो टी20 वर्ल्ड कप में भारत के खिलाफ मैच नहीं खेलेगा.








