
पाकिस्तान में बिजली संकट ने बढ़ाई मुसीबत, रात 8 बजे बंद होंगे मार्केट और रेस्टोरेंट्स
AajTak
पाकिस्तान में बिजली संकट गहराता जा रहा है. इससे उबरने के लिए पाकिस्तान की सरकार ने बाजार और रेस्तरां रात आठ बजे बंद करने का फैसला लिया है. जबकि मैरिज होम्स रात 10 बजे तक खुले रहेंगे. हालांकि इस फैसले पर अंतिम मुहर गुरुवार को लगेगी.
पाकिस्तान पर इन दिनों बिजली संकट के साथ ही लगातार बढ़ती मुद्रास्फीति की दोहरी मार पड़ रही है. पाकिस्तान में यूक्रेन-रूस युद्ध और जून में आई विनाशकारी बाढ़ ने मुल्क को भयंकर बिजली संकट को कई गुना बढ़ दिया है. इसके समाधान के लिए पाकिस्तान की सरकार ने बाजार और रेस्तरां रात आठ बजे बंद करने का फैसला लिया है. जबकि मैरिज होम्स रात 10 बजे तक खुले रहेंगे.
एजेंसी के मुताबिक पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने राष्ट्रीय ऊर्जा-संरक्षण कार्यक्रम शुरू किया है. आसिफ ने कहा कि शहबाज शरीफ सरकार इस राष्ट्रव्यापी योजना को लागू करने के लिए प्रांतों से संपर्क करेगी.
कैबिनेट की बैठक के बाद ख्वाजा आसिफ ने कहा कि इस योजना पर गुरुवार तक अंतिम फैसला लिया जाएगा. अगले कुछ दिनों में हम इस राष्ट्रीय परियोजना के साथ सभी प्रांतों से संपर्क करेंगे और फिर गुरुवार को संरक्षण नीति को अंतिम मंजूरी दी जाएगी.
पाकिस्तान के रक्षामंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि इस योजना के तहत मैरिज होम्स रात 10 बजे तक खुले रहेंगे, जबकि रेस्टोरेंट्स, होटल और बाजार रात 8 बजे तक बंद हो जाएंगे. हालांकि, उन्होंने कहा कि रेस्टोरेंट्स के बंद होने के समय को एक घंटे के लिए बढ़ाए जाने पर फैसला लिया जा सकता है.
आसिफ ने कहा कि अगर 20 प्रतिशत सरकारी कर्मचारी रोटेशन के आधार पर घर से काम करते हैं, तो 56 अरब रुपये बचाए जा सकते हैं और कुछ कदमों के साथ मिलकर देश 62 अरब रुपये बचाने में सक्षम होगा.
ख्वाजा आसिफ ने कहा कि 38 अरब रुपये बचाने में मदद करने के लिए जल्द ही बिजली बचाने वाले बल्व और पंखे बिक्री के लिए उपलब्ध होंगे. साथ ही पेट्रोल की खपत को कम करने के लिए इलेक्ट्रिक बाइक लॉन्च की जाएंगी.

ईरान-इजरायल युद्ध आज अपने 24वें दिन में प्रवेश कर चुका है, लेकिन शांति की कोई गुंजाइश दिखने के बजाय यह संघर्ष अब एक विनाशकारी मोड़ ले चुका है. ईरान द्वारा इजरायल के अराद और डिमोना शहरों पर किए गए भीषण मिसाइल हमलों से दुनिया हैरान है. ये शहर रणनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील हैं, इसलिए अब यह जंग सीधे तौर पर परमाणु ठिकानों की सुरक्षा के लिए खतरा बन गई है. युद्ध का सबसे घातक असर ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ा है.

तेल टैंकरों के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्ता खोलने को लेकर ईरान को ट्रंप ने 48 घंटे की धमकी थी. समय सीमा खत्म होने से पहले ही नेटो एक्शन में आ गया है. नेटो महासचिव ने बताया कि होर्मुज में मुक्त आवाजाही सुवनिश्चित करने के लिए 22 देशों का समूह बन रहा है. साथ ही उन्होनें कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिका का कदम जरूरी था.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को होर्मुज पर धमकी अब उन्हीं पर उलटी पड़ चुकी है. ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे की डेडलाइन देकर होर्मुज खोलने को कहा था, जिसके बाद अब ईरान ने ट्रंप के स्टाइल में ही उन्हें जवाब देते हुए कहा कि यदि अमेरिका उनपर हमला करेगा तो ईरान भी अमेरिका के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाएगा.

आज यु्द्ध का 24वां दिन है. इजरायल पर ईरान और जवाब में अमेरिका और इजरायल के ईरान पर ताबड़तोड़ हमले जारी हैं. इस बीच सवाल ये कि क्या डोनाल्ड ट्रंप हॉर्मुज पर फंस गए हैं. ट्रंप के बार-बार बदलते बयानों से लग रहा है कि जंग छेड़ने से पहले हॉर्मुज को लेकर ट्रंप सोच नहीं पाए थे. देखें कैसे बदलते जा रहे ट्रंप के बयान.









