
पाकिस्तान में 'नियाजी' टाइटल कोई क्यों नहीं लगाता? जानिए कैसे 'गाली' बन गया वहां ये शब्द... भारत से हार की वो टीस
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पाकिस्तान में 'नियाजी' शब्द का गाली के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है. अब जब पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान चर्चा में हैं तो एक बार फिर उन्हें चिढ़ाने के लिए उनके असली नाम 'नियाजी' से संबोधित किया जाने लगा है. लेकिन ऐसा क्या है कि पाकिस्तान में लोग 'नियाजी' सरनेम नहीं लगाते. ये सरनेम 'गाली' कैसे बन गया?
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान चर्चा में हैं. उनकी गिरफ्तारी को लेकर कई दिनों से बवाल हो रहा है. आखिरकार पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार करने की बजाय घर में ही नजरबंद करने का फैसला लिया है. इमरान खान के घर के बाहर पुलिस लगा दी गई है.
पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) का दावा है कि जब से शहबाज शरीफ सत्ता में आए हैं, तब से इमरान खान के खिलाफ 80 से ज्यादा केस दर्ज हो चुके हैं.
इस सब बवाल के बीच इमरान खान के 'नियाजी' सरनेम की भी चर्चा हो रही है. सोशल मीडिया पर यूजर्स पाकिस्तान में गृह युद्ध जैसे हालात होने की बात कह रहे हैं और इसके लिए वो इमरान खान का पूरा नाम 'इमरान अहमद खान नियाजी' का इस्तेमाल कर रहे हैं.
दरअसल, इमरान खान के लिए उनके सरनेम 'नियाजी' का इस्तेमाल उन्हें चिढ़ाने के लिए किया जाता है. पिछले साल अप्रैल में जब इमरान खान की कुर्सी संकट में थी, तब भी 'गो नियाजी गो' जैसे नारे लगाकर उन्हें चिढ़ाया गया था. असल में नियाजी अब पाकिस्तान में 'गाली' बन चुका है. और यही वजह है कि अब नियाजी सरनेम का इस्तेमाल नहीं करते.
इमरान खान क्यों नहीं लिखते 'नियाजी'?
- अगस्त 2019 में जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटने के बाद जब संयुक्त राष्ट्र की महासभा हुई थी, तब इमरान खान को उनके असली नाम इमरान नियाजी कहकर पुकारा गया था.

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