
पांच कारण जिनसे भारत में ज्यादा खतरनाक होकर लौटा कोरोना संक्रमण
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महामारी विज्ञानियों ने चेतावनी दी है कि भारत में निरंतर विफलता के वैश्विक प्रभाव होंगे. विशेषज्ञों ने भारत में उन पांच गलतियों की ओर इशारा किया है जिससे कोरोना ज्यादा खतरनाक होकर लौटा है.
पिछले साल जब भारत में पहली बार कोरोना वायरस ने दस्तक दी थी, तब देश ने दुनिया के सबसे सख्त लॉकडाउन का ऐलान किया था. संदेश साफ था कि यह जानलेवा वायरस अमीरी-गरीबी, जाति-धर्म से परे सबको अपनी चपेट में ले रहा है. अगर यह भारत में फैला तो यह तेजी से सवा अरब से ज्यादा की आबादी वाले देश को बेपटरी कर देगा. (फोटो-Getty Images) भारत में बरते गए इन एहतियातों का नतीजा यह हुआ कि इंफेक्शन की दर घटी और कोरोना से मृत्युदर भी कम रही. लेकिन इसके साथ ही देश में सार्वजनिक और व्यक्तिगत तौर पर सावधानी बरतने में कमी आई. यही वजह है कि दुनियाभर के विशेषज्ञों ने आगाह किया है कि कोरोना को लेकर भारत का लचर रुख संकट खड़ा करेगा. (फोटो-Getty Images) भारत में पिछले 24 घंटे के आंकड़े बताते हैं कि 1 लाख 68 हजार से ज्यादा नए मामले सामने आए हैं. 24 घंटे में 904 लोगों ने अपनी जान गंवा दीं. कई जगह पाबंदियां तो कई जगह नाइट कर्फ्यू लागू है. लेकिन फिर भी मामलों में तेजी से उछाल देखने को मिल रहा है. महाराष्ट्र में अभी पूर्ण लॉकडाउन पर फैसला आना बाकी है और कोविड टास्क फोर्स ने 14 दिन का लॉकडाउन लगाने की सिफारिश की है. जबकि महाराष्ट्र टीकाकरण में भी आगे है. देश में अब तक 10, 45,28,565 टीके लग चुके हैं. वैज्ञानिक कोरोना के नए-नए स्ट्रेन के बारे में पता लगा रहे हैं जो कि ब्रिटेन और अफ्रीका में पाए गए वेरिएंट्स से भी खतरनाक माने जा रहे हैं. वहीं प्रशासन ने कई स्थानों पर कॉन्ट्रैक ट्रेसिंग को मुश्किल करार दिया है. (फोटो-PTI)More Related News

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