
पहले भाई और बहन...अब सपा के जुझारू छात्र नेता ने भी खत्म कर ली जिंदगी; Akhilesh Yadav ने इस फोटो के साथ दी श्रद्धांजलि
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Lakhimpur Akash Lala Death: आकाश लाला दो भाई और दो बहन थे. 7 साल पहले 2017 में आकाश लाला के छोटे भाई विकास लाल ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली थी. जिसके कुछ ही दिनों बाद उनकी बड़ी बहन की पीलीभीत ससुराल में मौत हो गई थी. वहीं, आकाश लाला की बहन रोली सक्सेना की शादी हुई थी. ससुरावालों से विवाद हो जाने पर वह अब मायके में ही रह रही है.
समाजवादी पार्टी के छात्र सभा के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष युवा नेता आकाश लाला ने बीती शाम अपने घर पर फांसी लगाकर जीवन लीला समाप्त कर ली. सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया है. हैरानी की बात यह है कि आकाश की बड़ी बहन और छोटा भाई भी कुछ साल पहले आत्महत्या कर चुके हैं.
लखीमपुर खीरी जिले के गोला कस्बे का यह मामला है. गोला पुलिस के क्षेत्राधिकार अजेंद्र कुमार यादव ने मौके पर पहुंचकर घटना का जायजा लिया. उन्होंने बताया कि प्रथम दृष्ट्या यह मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है. रिपोर्ट आने के बाद ही मृत्यु के कारणों का खुलासा हो सकेगा. आकाश लाला की आत्महत्या की खबर से नगर के लोग स्तब्ध रह गए हैं. जिसने भी सुना हुआ आकाश लाला के घर की ओर दौड़ पड़ा. आकाश लाल काफी मिलनसार था. उसके घर के बाहर तमाम भीड़ एकत्र हो गई थी.
परिजनों के मुताबिक, आकाश लाला बुधवार की रात दिल्ली से फ्लाइट पकड़कर लखनऊ होते हुए गोला स्थित घर वापस आए थे और वह सीधे घर न जाकर पौराणिक स्थल शिव मंदिर गए थे. जहां भगवान भोलेनाथ की पूजा अर्चना की थी और फिर घर आकर अपने कमरे में सो गए.
गुरुवार सुबह जब कमरे से नहीं निकले तो मां सुनीता सक्सेना ने अपने रिश्तेदारों को सूचना दी. घटना की जानकारी पर नगर के तमाम लोगों के अलावा सपा के पूर्व विधायक विनय तिवारी मौके पर पहुंचे. जहां देखा कि आकाश मृत पड़े हुए हैं.
छात्र नेता की मौत से समाजवादी पार्टी में हड़कंप मच गया. पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने ट्वीट कर आकाश लाला के निधन पर अत्यंत दुख प्रकट करते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि दी है. सपा सुप्रीमो ने लिखा, ''समाजवादी छात्र सभा के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, लखीमपुर खीरी निवासी श्री आकाश लाला जी का निधन, अत्यंत दु:खद! ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दे. शोकाकुल परिजनों को यह असीम दु:ख सहने का संबल प्राप्त हो. भावभीनी श्रद्धांजलि!''
लखीमपुर खीरी के गोला कस्बा के रहने वाले आकाश लाल लखनऊ विश्वविद्यालय में पढ़ाई के दौरान ही समाजवादी छात्र संगठन से जुड़कर राजनीति में आ गए थे, और अपनी मांगों को लेकर लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति की कार के आगे लेट गए थे, जिससे अखिलेश यादव काफी प्रभावित हुए थे.

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