
पहले न्यूक्लियर फोर्स के चीफ की हत्या, फिर ड्रोन अटैक से दिला दी 9/11 की याद! पुतिन को चोट पर चोट दे रहा यूक्रेन
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रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने 19 दिसंबर को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पत्रकारों के सवालों के जवाब में कहा था कि वह अमेरिका के होने वाले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ बातचीत में यूक्रेन युद्ध पर समझौता करने के लिए तैयार हैं. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि चर्चा के लिए कोई पूर्व शर्त नहीं होगी, लेकिन किसी भी तरह के समझौते में वैध यूक्रेनी अधिकारियों को शामिल किया जाना चाहिए.
व्लादिमीर पुतिन ने 24 फरवरी, 2022 को जब यूक्रेन में रूसी सेना के स्पेशल मिलिट्री ऑपरेशन का ऐलान किया होगा तो नहीं सोचा होगा कि साढ़े 3 करोड़ की आबादी वाले देश को हराना उनके लिए इतनी बड़ी चुनौती होगी. दो महीने बाद रूस-यूक्रेन युद्ध के तीन वर्ष पूरे हो जाएंगे. लेकिन रूस अब भी यूक्रेन को हरा नहीं सका है. इसके उलट वलोदिमीर जेलेंस्की के नेतृत्व में यूक्रेन, पुतिन और उनके देश को आए दिन नए-नए जख्म दे रहा है, चोट पर चोट किए जा रहा है. ताजा मामला कजान शहर का है, जहां यूक्रेन ने 9/11 की तरह रिहायशी इमारतों पर किलर ड्रोन से कम से कम आठ अटैक किए, जिसने रूस के एयर डिफेंस सिस्टम की कलई खोल दी है.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये हमले कामिकेज ड्रोन (Kamikaze Drone) का इस्तेमाल करके किए गए. हमले का एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल है, जिसमें ड्रोन को एक आवासीय इमारत से टकराते हुए देखा जा सकता है, जिसके बाद जोरदार विस्फोट होता है और आग की लपटें उठती हैं. रूसी एविएशन सेक्टर की निगरानी करने वाली संस्था 'रोसावियात्सिया' (Rosaviatsia) ने कहा कि हमले के बाद कजान एयरपोर्ट को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया और इजेव्स्क एयरपोर्ट पर भी सेवाएं निलंबित कर दी गईं. कजान में ये ड्रोन अटैक रूस द्वारा शुक्रवार रात कीव और यूक्रेन के कई शहरों पर किए गए हमलों के बाद हुए हैं. रूस ने कथित तौर पर यूक्रेनी शहरों पर 60 ड्रोन और 5 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं और कीव में आवासीय क्षेत्रों को निशाना बनाया. रूसी हमले में एक यूक्रेनी नागरिक की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हुए हैं.
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दो महीने में रूस के 4 प्रमुख अधिकारियों की हत्या कुछ दिन पहले रूस की राजधानी मॉस्को में क्रेमलिन पैलेस (रूसी राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास) से मात्र 7 किलोमीटर की दूरी पर एक हाई प्रोफाइल शख्स की हत्या ने पुतिन प्रशासन को हैरान कर दिया था. यह शख्स था, रूस के न्यूक्लियर फोर्स का चीफ इगोर किरिलोव. इस हत्या के संबंध में उज्बेकिस्तान के एक युवक को डिटेन किया गया है, जिसने कबूल किया है कि उसने यूक्रेन की सीक्रेट सर्विस के इशारे पर इगोर के घर के बाहर स्कूटर में बम प्लांट करके उनकी हत्या को अंजाम दिया था. उसने पूछताछ में बताया कि वह यूक्रेन की इंटेलिजेंस सर्विस के असाइनमेंट को पूरा करने मॉस्को आया था. उसने यहां एक इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदा और उसमें बम प्लांट करके, किरिलोव के अपार्टमेंट के बाहर पार्क कर दिया गया.
इगोर किरिलोव अपने अपार्टमेंट से जैसे ही बाहर निकले, तभी घर के बाहर पार्क स्कूटर में ब्लास्ट हुआ. इस घटना में इगोर किरिलोव के साथ-साथ उनके असिस्टेंट की भी मौत हो गई थी. इस विस्फोट के लिए 300 ग्राम टीएनटी का इस्तेमाल किया गया था. इगोर किरिलोव से पहले भी यूक्रेन, रूस के तीन प्रमुख सैन्य अधिकारियों को मौत के घाट उतार चुका है. रूस की धरती पर पिछले दो महीने में चार हत्याएं हुई हैं. इन हत्याओं का सीधा या अप्रत्यक्ष संबंध यूक्रेन से रहा है. इस साल अक्टूबर में रूस की 52वीं हैवी बॉम्बर रेजिमेंट के पायलट दिमित्री गोलेनकोव की रूस के ब्रांस्क में हथौड़े से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी. इसका कनेक्शन भी यूक्रेन से ही जोड़ा गया था.
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