
पत्थरों से बनी कब्र, बाहर निकले पांव और खूनी साजिश... दहला देगी सृजन साहू मर्डर केस की पूरी कहानी
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घने जंगलों में 13 घंटे की तलाश के बाद पुलिस को पत्थरों के नीचे दबी सृजन साहू की लाश मिली. गुमशुदगी से शुरू हुई यह मर्डर मिस्ट्री तब खुली जब चचेरी साली निधि और उसके दो साथियों ने इस खौफनाक वारदात को अंजाम देने की कहानी पुलिस के सामने बयां की.
Srijan Sahu Murder Case: घने जंगलों में दिन के उजाले से लेकर रात के अंधेरे तक एक बड़ा सर्च ऑपरेशन चल रहा था. पुलिस खोजी कुत्तों की मदद से जंगल का कोना-कोना छान रही थी. और करीब 13 घंटे की मशक्कत के बाद अंधेरे में कुछ पत्थरों के नीचे दबे दो इंसानी पांव नजर आए. यकीन मानिए जब पहली बार पुलिस वालों की नजर इस मंजर पर गई तो उनके भी रौंगटे खड़े हो गए. उन्हें भी अपनी आंखों पर यकीन नहीं हुआ.
लोगों ने अब तक ड्रम से लेकर सूटकेस और गठ्ठर से लेकर संदूक तक में न जाने कहां-कहां लाशें देखी थीं, लेकिन ये शायद पहला मौका था जब पत्थर के नीचे किसी लाश कुछ ऐसे दफ्न किया गया था कि उसके दोनों पांव बाहर नजर आ रहे थे. मगर सवाल ये था कि आखिर ये लाश किसकी थी? उस शख्स का कत्ल किसने किया था? और कत्ल के बाद लाश को इस अजीबोगरीब तरीके से ठिकाने क्यों लगाया? तो आइए आपको इस हैरान करने वाली मर्डर मिस्ट्री का एक-एक सच अब सिलसिलेवार तरीके से बताते हैं, जिसकी शुरुआत एक शख्स की गुमशुदगी के साथ होती है.
25 अक्टूबर 2025, नरसिंहपुर - मध्य प्रदेश उस दिन नरसिंहपुर का रहने वाला 35 साल का सृजन साहू अचानक अपने घर से रहस्यमयी ढंग से गायब हो गया. इस रोज दोपहर को वो किसी काम से बाहर जाने की बात कह कर घर से निकला था, लेकिन इसके बाद ना तो वो घर लौटा और ना ही उसका मोबाइल फोन लग रहा था. ऐसे में घर वालों ने अगले दिन यानी 26 अक्टूबर को शहर के मंगवानी थाने में सृजन की गुमशुदगी की रिपोर्ट लिखवाई. मोबाइल फोन के इस जमाने में कोई अचानक ऐसे गायब हो जाए, ऐसा आम तौर पर होता नहीं है.
इसलिए मामले की गंभीरता को समझते हुए पुलिस ने सृजन के फोन की लास्ट लोकेशन की मदद से उसकी तलाश चालू की. इस सिलसिले में गुमशुदगी से पहले उसका फोन शहर के पास ही नेशनल हाई-वे नंबर 44 पर मौजूद एक रेस्टोरेंट के करीब नजर आया. अब पुलिस ने रेस्टोरेंट और आस-पास के मकानों और दुकानों का सीसीटीवी फुटेज खंगाला और इस कोशिश में उसे सृजन की गुमशुदगी के मामले में पहला कंक्रीट क्लू मिला.
असल में इस फुटेज में सृजन के साथ एक लड़की समेत दो और लोग नजर आ रहे थे. चौंकाने वाली बात ये थी कि लड़का और लड़की दोनों ने अपने चेहरे पर कपड़ा बांध रखा था, जो अपने आप में एक शक पैदा करने वाली बात थी. यहीं से पुलिस को पता चला कि सृजन उस संदिग्ध लड़की के अलावा दो और लोगों के साथ एक मारुति स्विफ्ट डिजायर कार से वहां से निकला है. लेकिन उनकी मंजिल कहां थी और इसके बाद सृजन कहां चला गया, ये अभी एक राज़ था. इस केस में तफ्तीश में लगी पुलिस की कई टीमें अब अलग-अलग कामों में जुटी हुई थी.
एक टीम ने मोबाइल फोन की सीडीआर के सहारे सृजन और उसके साथ नजर आ रहे लोगों की लोकेशन ट्रैक करने की शुरुआत की, जबकि एक टीम सृजन के साथ दिख रहे बाकी के लोगों की पहचान में जुट गई. और जल्द ही पुलिस को इन कामों में कामयाबी मिली. सृजन और उसके साथ मौजूद बाकी लोगों की लोकेशन शहर से करीब 40 किलोमीटर दूर मंगवानी के जंगलों में मिली, लेकिन सृजन का मोबाइल फोन जंगल के करीब पहुंच कर रहस्यमयी तरीके से रडार से बाहर हो गया. यानी शायद स्विच्ड ऑफ हो गया.

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