
पति को मरा मान चुकी थी पत्नी, 23 साल बाद लौटा तो हैरान रह गए घरवाले
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सुबह का भूला अगर शाम को घर वापस आ जाए तो उसे भूला नहीं कहते..., ये कहावत तो सुनी ही होगी. लेकिन बिहार के जमुई में एक शख्स दो दशक बाद अपने घर लौटा तो इलाके के लोग हैरान रह गए. उसको देखने वालों की भीड़ लगी हुई है. घर वापस आने की फिल्मी कहानी को सुनने वालों का तांता लगा हुआ है.
बिहार के जमुई से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. यहां नगर परिषद के भछियार मोहल्ले में रहने वाला रघुनंदन ठठेरा दो दशक से गायब था. परिवार वालों ने उसकी बहुत खोजबीन की, लेकिन कोई सुराग नहीं लगा. इसके बाद परिवार वालों ने मान लिया कि वो अब दुनिया में नहीं रहा. यहां तक कि पत्नी उसके वापस आने की उम्मीद खो बैठी थी.
लोग रघुनंदन की पत्नी को अंतिम संस्कार करने की सलाह दे रहे थे, लेकिन वो इस पर राजी नहीं हुई. वहीं जब 23 साल बाद घर लौटा तो परिवार ही नहीं इलाके के लोग भी हैरान रह गए.
गौरतलब है कि रघुनंदन का अच्छा खासा व्यवसाय था, लेकिन वो जुआ खेलने के साथ ही नशा भी करता था. इसी लत की वजह से रघुनंदन ने साल 2001 में जुआ हारा. इसके बाद उसने घर से भागने का फैसला किया. वो अपने परिवार को छोड़कर नेपाल चला गया. वहां फेरी का काम करके जिंदगी बसर करने लगा.
इसी बीच उसके एक बेटे की मौत भी हो गई. रघुनंदन का कहना है कि उसे बेटे की मौत सूचना तो नहीं मिली, लेकिन सपने में देखा कि बेटे की मौत हो गई है. इस सपने के बाद वो परेशान रहने लगा. इस पर उसने घर लौटने का फैसला किया.
गुरुवार शाम अचानक रघुनंदन उर्फ डोमा ठठेरा भछियार में अपना घर ढूंढ रहा था. इसी दौरान मोहल्ले के लोगों ने उसे पहचान लिया. इसके बाद लोग उसे घर ले गए. उसकी पत्नी ने देखा तो हैरान रह गई, हालांकि वो तुरंत पहचान गई लेकिन अन्य परिजनों को पहचानने में कुछ समय लगा.
उधर, 23 साल बाद उसकी घर वापसी की फिल्मी कहानी से आसपास के लोग हैरान भी हैं और खुश भी. वापस आने पर उसको देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी. जब उसने अपना घर छोड़ा था, उस समय उसकी उम्र करीब 45 साल थी.

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