
'न्यूक्लियर धमकियों को हम सहने वाले नहीं...', PAK की गीदड़भभकियों पर लाल किले से पीएम मोदी का जवाब
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पीएम मोदी ने कहा, 'हम कई दशकों से आतंक झेलते आए हैं. देश के सीने को छलनी कर दिया गया है. अब आतंकियों और उन्हें पालने-पोसने वालों में कोई फर्क नहीं मानेंगे. दोनों मानवता के दुश्मन हैं.' उन्होंने दोहराया कि न्यूक्लियर धमकियों का दौर लंबे समय से चला आ रहा है, लेकिन भारत ने ठान लिया है कि अब इसे नहीं सहेगा.
79वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए पाकिस्तान को कड़े शब्दों में चेतावनी दी. उन्होंने साफ कहा कि भारत अब न्यूक्लियर धमकियों और ब्लैकमेल को बर्दाश्त नहीं करेगा. पीएम मोदी ने कहा, 'हमारे वीर सैनिकों ने दुश्मनों को उनकी कल्पना से परे सजा दी है.'
प्रधानमंत्री ने कहा कि 15 अगस्त का इस बार विशेष महत्व है, क्योंकि उन्हें लाल किले से ऑपरेशन सिंदूर के वीर जांबाजों को सैल्यूट करने का अवसर मिला. उन्होंने बताया कि पहलगाम में सीमापार से आए आतंकियों ने जिस तरह कत्लेआम किया- धर्म पूछ-पूछकर लोगों की हत्या की, पत्नी के सामने पति को गोली मारी, बच्चों के सामने पिता को मौत के घाट उतार दिया-उससे पूरा हिंदुस्तान आक्रोश से भर गया. ऑपरेशन सिंदूर उसी आक्रोश की अभिव्यक्ति था, जिसमें पाकिस्तान में ऐसी तबाही मचाई गई कि रोज नए खुलासे हो रहे हैं.
'न्यूक्लियर धमकियां नहीं सहेगा भारत'
पीएम मोदी ने कहा, 'हम कई दशकों से आतंक झेलते आए हैं. देश के सीने को छलनी कर दिया गया है. अब आतंकियों और उन्हें पालने-पोसने वालों में कोई फर्क नहीं मानेंगे. दोनों मानवता के दुश्मन हैं.' उन्होंने दोहराया कि न्यूक्लियर धमकियों का दौर लंबे समय से चला आ रहा है, लेकिन भारत ने ठान लिया है कि अब इसे नहीं सहेगा.
'खून और पानी साथ-साथ नहीं बहेंगे'
पानी के मुद्दे पर भी प्रधानमंत्री ने पाकिस्तान को सीधी चेतावनी दी. उन्होंने कहा, 'भारत ने तय किया है कि खून और पानी साथ-साथ नहीं बहेंगे. भारतीय नदियों का पानी दुश्मनों को सींच रहा है, लेकिन हिंदुस्तान के किसानों का इस पानी पर हक है. सिंधु समझौता एकतरफा और अन्यायपूर्ण था, जिसे राष्ट्रहित में स्वीकार नहीं किया जा सकता.'

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