
'नायक नहीं... नालायक है तू', संजय दत्त ने की RSS की तारीफ तो बरसे कांग्रेसी नेता
AajTak
कांग्रेस नेता सुरेंद्र राजपूत ने संजय दत्त पर तीखा हमला किया है. दरअसल, संजय दत्त ने RSS की स्थापना के 100 साल पूरे होने पर बधाई दी थी, ये बात कांग्रेस नेताओं और समर्थकों को पसंद नहीं आई. लिहाजा कांग्रेस के समर्थक भी बॉलीवुड एक्टर को लगातार टारगेट कर रहे हैं.
बॉलीवुड एक्टर संजय दत्त ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की स्थापना के 100 साल पूरे होने पर बधाई दी थी. इसे लेकर कांग्रेस नेता सुरेंद्र राजपूत की कड़ी प्रतिक्रिया सामने आई है. उन्होंने संजय दत्त को लेकर कहा कि 'नायक नहीं खलनायक है तू, अपने पिता का नालायक है तू...'. हालांकि सुरेंद्र राजपूत के इस बयान पर अभी तक संजय दत्त का जवाब नहीं आया है.
दरअसल, संजय दत्त ने 2 अक्तूबर यानी गांधी जयंती पर अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो शेयर किया था, इसमें वह आरएसएस की प्रशंसा करते हुए नजर आए थे. उन्होंने कहा कि संघ हमेशा देश के साथ खड़ा रहा, खासकर आपदा और कठिन समय में. इसके बाद से कांग्रेस समर्थक उन्हें लगातार टारगेट कर रहे हैं.
बता दें कि संजय दत्त के पिता दिवंगत सुनील दत्त कांग्रेस से सांसद रहे थे. इतना ही नहीं, उनकी बहन प्रिया दत्त कांग्रेस पार्टी की नेता रही हैं. वह सामाजिक कार्यकर्ता भी हैं.
वहीं, संजय दत्त लंबे समय तक विवादों में घिरे रहे हैं. सबसे चर्चित केस 1993 के मुंबई सीरियल बम ब्लास्ट से जुड़ा है. उस समय उन्हें अवैध हथियार रखने के आरोप में TADA (आतंकवादी और विघटनकारी गतिविधियों निवारण अधिनियम) के तहत गिरफ्तार किया गया था. हालांकि बाद में उन्हें टाडा के आरोपों से बरी कर दिया, लेकिन उन्हें अवैध हथियार रखने (आर्म्स एक्ट) के तहत दोषी पाया. इसे लेकर उन्हें जेल भी जाना पड़ा था.

अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध का आज 23वां दिन है. अब ये जंग परमाणु प्लांट पर हमलों तक पहुंच गई है. एक दिन पहले इजरायल ने नतांज में ईरान के न्यूक्लियर प्लांट को टारगेट किया, जिसके जवाब में ईरान ने डिमोना और अराद शहरों पर भीषण हमला कर दिया. ईरान के ये हमले युद्ध को और भीषण बना सकते हैं क्योंकि अब इजरायल तेहरान में लगातार कई ठिकानों को निशाना बना रहा है. नेतन्याहू ने इस समय को इजरायल के अस्तित्व और भविष्य की लड़ाई का एक चुनौतीपूर्ण पड़ाव बताया है. वहीं ईरान दावा कर रहा है कि डिमोना और अराद पर हमले के बाद युद्ध का पूरा समीकरण बदल गया है.

विश्व जल दिवस पर 'जल है तो कल है' जैसे नारे सुनने में तो अच्छे लगते हैं, लेकिन जमीन पर हकीकत आज भी बहुत कड़वी है. सरकारी कागजों में 'हर घर जल' के बड़े-बड़े दावे तो दिखते हैं, पर असलियत में आज भी लोगों को प्यास बुझाने के लिए दूर-दूर तक पैदल चलना पड़ रहा है. कई परिवारों को तो पानी के लिए खुद कुएं तक खोदने पड़ रहे हैं. जब तक पानी के लिए यह जानलेवा संघर्ष और लंबी कतारें खत्म नहीं होतीं, तब तक ये जल दिवस सिर्फ कैलेंडर की एक तारीख बनकर ही रह जाएगा.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम एक नया दिलचस्प रिकॉर्ड और जुड़ गया है. पहले गुजरात के सीेम के रूप में और अब प्रधानमंत्री का पद संभालते हुए अपने 8 हजार 931 दिन पूरे करते हुए नया रिकर्ड बना लिया है. इस उपलब्धि के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह समेत अन्य नेताओं ने पीएम मोदी को बधाई दी.










