
'... नहीं तो मालदा, किशनगंज, कटिहार जैसे इलाकों में खत्म हो जाएगी हिंदू आबादी', सांसद निशिकांत दुबे से सरकार से की ये मांग
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झारखंड के गोड्डा से सांसद निशिकांत दुबे ने संसद में संथाल परगना में बढ़ती मुस्लिम आबादी का मुद्दा उठाया. उन्होंने इस पर चिंता जताते हुए सरकार से मालदा, मुर्शिदाबाद, किशनगंज, अररिया, कटिहार और संथाल परगना को मिलाकर केंद्र शासित प्रदेश बनाने और एनआरसी लागू करने की मांग की.
झारखंड के गोड्डा से सांसद डॉक्टर निशिकांत दुबे ने संसद में आदिवासियों की घटती आबादी का मुद्दा उठाया. उन्होंने अपने संबोधन की शुरुआत 'संविधान खतरे में है' से की और कहा कि हम यहां दलितों की बात करते हैं, आदिवासी की बात करते हैं. कहीं किसी की भी सरकार हो, उसका एकमात्र लक्ष्य यही है कि अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना है. बीजेपी सांसद ने कहा कि जिस संथाल परगना से आता हूं, वह जब बिहार से झारखंड अलग हुआ तब आदिवासियों की आबादी 36 परसेंट थी. आज आदिवासियों की आबादी 26 परसेंट है. 10 परसेंट आदिवासी कहां गायब हो गए, कहां खो गए?
उन्होंने कहा कि इसके बारे में कभी भी ये सदन चिंता की बात नहीं करता है, वोटबैंक की पॉलिटिक्स करता है. निशिकांत दुबे ने कहा कि हमारे यहां जो सरकार है झारखंड मुक्ति मोर्चा और कांग्रेस, इसके लिए कोई भी एक्शन नहीं लिया जा रहा है. उन्होंने कहा कि बांग्लादेश की घुसपैठ हमारे यहां लगातार बढ़ रही है. आदिवासी महिलाओं के साथ बांग्लादेशी घुसपैठिए शादी कर रहे हैं. हिंदू और मुसलमान का सवाल नहीं है. बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने कहा कि हमारे यहां जो लोकसभा का चुनाव लड़ती हैं महिला, वह आदिवासी कोटे से लड़ती हैं और उनके पति मुसलमान हैं.
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गोड्डा सांसद ने कहा कि जिला परिषद की जो अध्यक्षा हैं, उनके पति मुसलमान हैं. हमारे यहां सौ आदिवासी मुखिया हैं जो आदिवासी के नाम पर हैं और उनके पति मुसलमान हैं. उन्होंने कहा कि हमारे यहां अभी चुनाव हुआ, यहां सभी लोग चुनाव लड़कर आए हैं. प्रत्येक चुनाव में 15 से 17 प्रतिशत आबादी बढ़ती है, हमारे यहां 123 परसेंट. निशिकांत दुबे ने कहा कि जिस लोकसभा से चुनकर आया, उसकी एक विधानसभा मधुपुर में लगभग 267 बूथों पर मुसलमानों की आबादी 117 परसेंट बढ़ गई है. पूरे झारखंड में कम से कम 25 ऐसी विधानसभा सीटें हैं जहां 123 परसेंट, 110 परसेंट आबादी बढ़ी है. ये एक बड़ा चिंता का विषय है.
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उन्होंने पाकुड़ जिले के तारानगर इलामी और दारापाड़ा में दंगे का मुद्दा उठाते हुए कहा कि ममता बनर्जीजी की जो पुलिस है, वो और बंगाल से मालदा और मुर्शिदाबाद के लोग आकर हमारे यहां के लोगों को भगा रहे हैं. गांव के गांव खाली हो रहे हैं. निशिकांत दुबे ने कहा कि यह बड़ा ही सीरियस विषय है और ये मैं ऑन रिकॉर्ड कह रहा हूं. अगर मेरी ये बात गलत है तो मैं इस्तीफा देने को तैयार हूं. उन्होंने कहा कि सारे बंगाल से, मुर्शिदाबाद और मालदा से लोगों ने आकर हिंदुओं के ऊपर जुर्म किया है. झारखंड की पुलिस कोई काम नहीं कर पा रही है.

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