
धर्म बदलकर 'TV के सुपरस्टार' ने गुपचुप रचाई थी दूसरी शादी, पढ़ता है 5 वक्त की नमाज, बोला- रमजान में...
AajTak
विवियन डीसेना ने साल 2019 में धर्म बदलकर इस्लाम कुबूल कर लिया था. उन्होंने फिर मुस्लिम जर्नलिस्ट से दूसरी शादी रचाई थी. अब विवियन ने रमजान के महीने की अहमियत पर बात की है. उन्होंने बताया कि वो रोजे भी रखते हैं और नमाज भी पढ़ते हैं.
विवियन डीसेना टीवी टाउन के मोस्ट पॉपलर एक्टर हैं. विवियन प्रोफेशनल लाइफ के साथ पर्सनल लाइफ को लेकर भी चर्चा में रहते हैं. दरअसल, विवियन ने साल 2019 में अपना धर्म बदल लिया था, वो मुस्लिम हो गए थे. विवियन तब से अब तक इस्लाम धर्म को फॉलो करते हैं. वो पांच वक्त की नमाज पढ़ते हैं. रमजान के महीने में रोजे रखते हैं. इबादत करते हैं. अब विवियन ने रमजान के महीने की अहमियत को लेकर बात की है.
रमजान के बारे में क्या बोले विवियन?
दरअसल, विवियन ने रमजान में ही इस्लाम धर्म कुबूल किया था. अब उन्होंने HT संग बातचीत में कहा कि यह एक ऐसा समय था जिसने न सिर्फ उनकी आस्था को बदला, बल्कि जिंदगी के प्रति उनके नजरिए को भी बदल दिया था. विवियन बोले- रमजान आस्था का महीना है, जो आपको संस्कार और मूल्य सिखाता है. रमजान का महीना आपको यह समझाता है कि जो लोग गरीबी के कारण अपना पेट नहीं भर पाते, वो किस दौर से गुजरते हैं.
विवियन ने इफ्तारी को लेकर भी बात की. उन्होंने बताया कि वो काफी सादगी से इफ्तार करते हैं. एक्टर बोले- मेरी इफ्तार बहुत हल्की होती है. मैं अपना रोजा तीन खजूर, एक गिलास दूध और थोड़े से पानी के साथ खोलता हूं, बस इतना ही मेरे इफ्तार में होता है.
विवियन ने बताया कि रमजान में वो हर साल एक खास रिचुअल फॉलो करते हैं. उन्होंने कहा- मैं एक खास 'डेट मिल्क' (खजूर वाला दूध) घर पर बनाता हूं. मैं इसमें चीनी नहीं डालता, बस खजूर, शहद, नट्स, सूखे मेवे और कुछ ताजे फल मिलाता हूं. जब भी मैं घर पर होता हूं, मैं इसे बनाने की कोशिश करता हूं और इसी से अपना रोजा खोलता हूं.
विवियन ने बदली कौन सी आदत? विवियन ने कहा कि उनका मानना है कि रमजान का महीना अपनी आदतों को 'रीसेट' नया तरीके से बनाने का है. विवियन बोले- हम सबकी खाने-पीने की कुछ आदतें होती हैं, जैसे मेरी सुबह की कॉफी, जिन्हें हमें इस महीने के दौरान छोड़ना पड़ता है. इसलिए, रोजा सेल्फ डिसिप्लिन बढ़ाता है. जब आप रोजा रखते हैं, तो आप पानी या कॉफी तक नहीं पीते. वैज्ञानिक रूप से भी बॉडी 30 दिनों के लिए पूरी तरह से 'डिटॉक्स मोड' में चली जाती है.













