
धर्मस्थला में सामूहिक बलात्कार-हत्या केस: मुखबिर ने की 15 जगहों की पहचान, एंटी नक्सल फोर्स की हुई तैनाती
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धर्मस्थला बड़े दफन मामले में एक पूर्व सफाईकर्मी मुखबिर ने 15 स्थानों की पहचान की है जहां कथित रूप से 1998 से 2014 के बीच महिलाओं और बच्चों के शव दफनाए या जलाए गए थे. मुखबिर ने SIT के सामने दो दिनों तक बयान दिया. अब इन सभी स्थानों पर ANF को तैनात किया गया है.
Dharmasthala mass burial case: कर्नाटक के धर्मस्थला मामले की जांच एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) कर रही है. इसका गठन 19 जुलाई को की गई थी ताकि धर्मस्थल से जुड़े सभी अप्राकृतिक मौतों, लापता मामलों और यौन उत्पीड़न की जांच की जा सके. आज (सोमवार) को मुखबिर ने 15 ऐसे स्थानों की पहचान की है जहां कथित रूप से शवों को दफनाया या जलाया गया था. इन सभी स्थानों पर अब एंटी नक्सल फोर्स (ANF) को तैनात कर दिया गया है.
सूत्रों के अनुसार, पहले आठ जगह नेत्रावती नदी के किनारे स्थित है. वहीं 9 से 12 का स्थान हाईवे के किनारे नदी के पास स्थित है. 13वां स्थान नेत्रावती से आजुकुरी को जोड़ने वाली सड़क पर है, जबकि 14वां और 15वां स्थान कण्याडी इलाके में हाईवे के पास है.
यह खुलासा तब हुई जब SIT की टीम ने दो दिन तक मुखबिर से पूछताछ की है. यह मुखिबर पहले सफाईकर्मी का काम किया करता था. उसने आरोप लगाया कि 1998 से 2014 के बीच उसे महिलाओं और नाबलियों के शव को जलाने और दफनाने के लिए मजबूर किया गया. इन शवों पर शारीरिक हमले के निशान भी दिखाई देते थे.
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मुखबीर मल्लिकट्टे स्थित इंटेलिजेंस ब्यूरो कार्यालय में मुखबिर से शनिवार और रविवार को पूछताछ हुई. इस दौरान मुखबिर अपने वकील के साथ आया था और चेहरे पर मास्क लगाकर रखा था. ताकि गोपनीयता बरकरार रहे. उसकी गवाही को जांच अधिकारी जितेन्द्र कुमार दयामा द्वारा रिकॉर्ड किया गया, संभावना है कि इसे वीडियो में भी दर्ज किया गया हो.
SIT प्रमुख प्रणव मोहंती ने भी रविवार को पूछताछ में हिस्सा लिया. उनके साथ अधिकारी एमएन अनुचेत और दयामा भी मौजूद थे.

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