
धड़ाधड़ Nuclear Weapons बना रहा Pak, हर साल भारत को क्यों सौंपता है लिस्ट?
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भारत और पाकिस्तान के बीच 30 सालों की एक संधि है. इसमें हर साल की पहली तारीख को दोनों देश एक दूसरे को ये जानकारी देते हैं. इस जानकारी में दोनों देशों के न्यूक्लीयर इंस्टॉलेशन की एग्जेक्ट लोकेशन शेयर करते हैं. अब आप सोच रहे होंगे कि ऐसा क्यों किया जाता है? इसकी वजह है 1988 में दोनों देशों के बीच हुई संधि. दोनों देशों के बीच जंग जैसी स्थितियों में न्यूक्लियर इंस्टॉलेशन पर हमला रोकना इस संधि का मुख्य उद्देश्य है. ऐसा इसलिए क्योंकि इससे भारी जान माल का नुक्सान हो सकता है. यही वजह है कि हर साल ये लिस्ट दिल्ली और इस्लामाबाद के बीच एक्सचेंज होती है. देखें ये वीडियो.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को होर्मुज पर धमकी अब उन्हीं पर उलटी पड़ चुकी है. ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे की डेडलाइन देकर होर्मुज खोलने को कहा था, जिसके बाद अब ईरान ने ट्रंप के स्टाइल में ही उन्हें जवाब देते हुए कहा कि यदि अमेरिका उनपर हमला करेगा तो ईरान भी अमेरिका के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाएगा.

आज यु्द्ध का 24वां दिन है. इजरायल पर ईरान और जवाब में अमेरिका और इजरायल के ईरान पर ताबड़तोड़ हमले जारी हैं. इस बीच सवाल ये कि क्या डोनाल्ड ट्रंप हॉर्मुज पर फंस गए हैं. ट्रंप के बार-बार बदलते बयानों से लग रहा है कि जंग छेड़ने से पहले हॉर्मुज को लेकर ट्रंप सोच नहीं पाए थे. देखें कैसे बदलते जा रहे ट्रंप के बयान.











