
देश में कोविड मामलों में फिर तेजी, आज मिले 335 मरीज, केरल की एक महिला में JN.1 की पुष्टि
AajTak
देश में एक बार फिर कोरोना के मामलों में तेजी आई है. रविवार को जहां कोरोना के 335 मामले सामने आए हैं, वहीं शनिवार को 339 नए लोगों में वायरस की पुष्टि हुई थी. इस बीच सब वैरिएंट JN.1 के मामलों की भी पुष्टि हुई है.
देशभर में बीते एक सप्ताह से कोरोना संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. रविवार को देश में कोविड के 335 नए मामले सामने आए हैं, जिसके बाद एक्टिव मामलों की संख्या 1700 के पार पहुंच गई है. इसके साथ ही केरल में एक मरीज में कोविड के सब वैरिएंट JN.1 की भी पुष्टि हुई है.
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, देशभर में कोरोना के कुल मामले 4.50 करोड़ (4,50,04,816) हो गए हैं. इसके अलावा मरने वालों का आंकड़ा 5 लाख 33 हजार 316 पहुंच गया है. कोरोना से ठीक होने वाले लोगों की संख्या 4 करोड़ 44 लाख 69 हजार 799 पहुंच गई है यानी देशभर में कोरोना से रिकवरी रेट 98.81 बना हुआ है.
220 करोड़ से ज्यादा लोगों का वैक्सीनेशन
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी ने बताया कि भारत में इस समय 90 फीसदी से अधिक कोविड-19 के मामले हल्के लक्षण वाले हैं और घर पर ही ठीक हो रहे हैं. कोविड से जान गंवाने वाले लोगों का प्रतिशत 1.19 है. मंत्रालय की वेबसाइट के मुताबिक, देश में 220.67 करोड़ लोगों को कोविड वैक्सीन लगाई जा चुकी है.
केरल में JN.1 सब वैरिएंट की पुष्टि
बीती 8 दिसंबर को केरल में कोविड-19 के सब वैरिएंट JN.1 का भी एक मामला सामने आया है. स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी ने बताया, 79 साल की महिला का 18 नवंबर को आरटी-पीसीआर टेस्ट रिजल्ट आया था. जिसमें इन्फ्लूएंजा जैसी बीमारी के हल्के लक्षण थे और वह कोविड-19 से ठीक हो चुकी है.

पश्चिम एशिया के हालात सुधरते नहीं दिख रहे..ट्रंप ने ईरान के पावर प्लांट पर 5 दिनों तक हमला ना करने की हामी जरूर भरी है लेकिन अब भी हमले थमे नहीं है. पश्चिम एशिया के हालात को देखते हुए भारत ने भी अपनी तैयारी मुकम्मल कर रखी है. राजनाथ सिंह ने एक हाईलेवल मीटिंग बुलाकर तैयारी की समीक्षा की. तो भारतीय एलपीजी टैंकरों की सुरक्षा के लिए भारतीय युद्धपोत हॉर्मुज पहुंच चुके हैं. पीएम मोदी ने कल लोकसभा में साफ कह दिया था कि तेल सप्लाई में रुकावट या नागरिकों और पावर प्लांट पर हमला मंजूर नहीं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान जंग पर राज्यसभा में कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे इस युद्ध को तीन हफ्ते से ज्यादा का समय हो चुका है. इसने पूरे विश्व को गंभीर ऊर्जा संकट में डाल दिया है. इसका असर भारत पर भी पड़ रहा है. गल्फ देशों में करीब एक करोड़ भारतीय रहते हैं, वहां काम करते हैं. उनके जीवन की रक्षा भी भारत के लिए चिंता का विषय है. होर्मुज स्ट्रेट में बड़ी संख्या में जहाज फंसे हैं. उनके क्रू मेंबर्स भी अधिकतर भारतीय हैं. यह भी भारत के लिए चिंता का विषय है. ऐसे में जरूरी है कि भारत के इस उच्च सदन से दुनिया में संवाद का संदेश जाए. हम गल्फ के देशों के साथ लगातार संपर्क में हैं. हम ईरान, इजरायल और अमेरिका के साथ भी संपर्क में हैं. हमने डीएस्केलेशन और होर्मुज स्ट्रेट खोले जाने पर भी लगातार बात की है. भारत ने नागरिकों पर, सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर पर, एनर्जी और ट्रांसपोर्टेशन इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों का विरोध किया है.











