
देवरिया: स्कूल से लौट रहीं बेटियों से सरेआम छेड़खानी करने वालों का हाफ एनकाउंटर, पकड़ने गई पुलिस टीम पर की थी फायरिंग
AajTak
उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में 4 सितंबर को बच्चियों के साथ छेड़खानी करने वाले आरोपियों का हाफ एनकाउंटर हुआ है. जिसके बाद पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. वहीं, दो आरोपी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं. फिलहाल गिरफ्तार हुए दोनों आरोपियों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
उत्तर प्रदेश के देवरिया में 4 सितंबर को CCTV में कैद कक्षा आठ की दो छात्राओं से हुई छेड़खानी में फरार चल रहे मनचलों की पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तारी हुई है. पुलिस ने हाफ एनकाउंटर के बाद दो आरोपियों को पकड़ लिया है. दोनों के पैर में गोली लगी है. जबकि दो आरोपी अभी भी पुलिस की पहुंच से दूर हैं. पकड़े गए मनचलों के नाम रितिक यादव और धीरज पटेल हैं. दोनों थाना तरकुलवा के बंजरिया के रहने वाले हैं.
यह भी पढ़ें: देवरिया: 'हम परीक्षा देकर आ रहे थे, तो...', छात्राओं की आपबीती
थाना तरकुलवा क्षेत्र की रहने वाली कक्षा 8 में पढ़ने वाली दो बच्चियां शुक्रवार को साइकिल से परीक्षा देकर वापस घर लौट रहीं थीं. इसी दौरान स्कूल से महज 500 मीटर की दूरी पर एक बाइक पर सवार चार मनचले आते हैं और बाइक रोककर तीन लड़के उतरते हैं. इसके बाद बच्चियों से छेड़खानी करने लगते हैं. इस पर बच्चियां चिल्लाते हुए जान बचाते हुए खेत में गिर जाती हैं.
बच्चियों के चिल्लाने से मनचले भाग निकलते हैं. इसमें से कुछ के चेहरे पर गमछा बंधे रहते हैं. यह पूरी घटना CCTV में कैद हो जाती है. देवरिया पुलिस की 5 टीमें इनके गिरफ्तारी के लिए लगाई जाती हैं. जिसमें एसओजी टीम भी शामिल है. रविवार की रात पुलिस को सूचना मिलती है कि दो आरोपी धीरज पटेल पुत्र राधाकृष्ण पटेल और रितिक यादव पुत्र दीनानाथ यादव सिरसिया घोठा मार्ग से कहीं जा रहे हैं.
सूचना पर घेराबंदी के दौरान बदमाशों द्वारा फायरिंग की गई, जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली दोनों के पैर में लग गई. जिनको अस्पातल में भर्ती कराया गया है. इनके पास से दो तमंचा व कारतूस बरामद किया गया है.
यह भी पढ़ें: 'हमें पकड़ने की कोशिश की...', देवरिया में छेड़खानी का शिकार हुईं बच्चियों की आपबीती

सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी द्वारा लागू किए गए नए नियमों पर रोक लगा दी है. छात्रों ने इस फैसले का स्वागत किया है और कहा कि यूजीसी का यह कानून छात्रों में भेदभाव उत्पन्न करता है. छात्रों का कहना है कि वे नियमों में बदलाव नहीं बल्कि पुराने नियमों को वापस चाहते हैं. यदि नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया तो वे भविष्य में भी प्रदर्शन जारी रखेंगे.

जोधपुर में साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत के बाद उनके पैतृक गांव में समाधि दी जाएगी. जुकाम के इलाज में लगाए गए इंजेक्शन के महज 30 सेकंड बाद तबीयत बिगड़ने से मौत का दावा किया जा रहा है. घटना से संत समाज में गहरी नाराजगी है. संतों ने निष्पक्ष जांच, दोषियों पर सख्त कार्रवाई और सोशल मीडिया पर अनर्गल लिखने वालों पर कार्रवाई की मांग की है.

दिल्ली के जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने सार्वजनिक शिकायतों के निपटारे में लापरवाही के आरोपों पर राजेंद्र नगर, कन्हैया नगर और अशोक विहार के जोनल रेवेन्यू अधिकारियों और कन्हैया नगर के एक असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर को सस्पेंड कर दिया. अचानक निरीक्षण में प्रशासनिक खामियां मिलने के बाद उन्होंने विभागीय कार्रवाई और प्रभावित जोनों में तत्काल नए अधिकारियों की तैनाती के आदेश दिए हैं.

देश के शिक्षण संस्थानों में दलित और आदिवासी छात्रों और शिक्षकों के साथ होने वाले भेदभाव को खत्म करने के लिए विश्विद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने नए नियम लागू किए थे, जिसे लेकर विरोध इतना बढ़ गया कि मामला अदालत तक पहुंच गया. सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल रोक लगा दी है, जिसे लेकर राजनीतिक दलों के नजरिए अलग-अलग दिखे.

दक्षिण मुंबई के फोर्ट इलाके में पुलिसकर्मी बनकर एक केन्याई महिला से 66 लाख रुपये की ठगी करने के मामले में पुलिस ने ठाणे से 48 वर्षीय सुरेश रंगनाथ चव्हाण को गिरफ्तार किया है. उसका एक साथी अभी फरार है. 21 जनवरी को एम. जी. रोड पर आरोपी ने अपने साथी के साथ महिला की टैक्सी रोककर जांच के बहाने 66.45 लाख रुपये से भरे बैग जब्त किए और पुलिस स्टेशन चलने का कहकर फरार हो गया.








