
दूध सप्लायर खुद को बताता था IPS, फर्राटेदार अंग्रेजी में करता था बात, टॉप यूनिवर्सिटी से कर चुका BBA-MBA
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IAS और IPS बनने का सपना हर किसी को होता है, लेकिन जब कुछ लोग बन नहीं पाते हैं तो गलत कदम उठा कर कानून के विरुद्ध कार्य कर बैठते हैं. ऐसा ही मामला राजधानी लखनऊ में सामने आया है. जहां एक दूध का सप्लायर इंडियन पुलिस सर्विस की वर्दी पहन सोशल मीडिया पर फोटो लगाकर लोगों पर रौब झाड़ने लगा.
उत्तर प्रदेश के लखनऊ में पुलिस ने फर्जी आईपीएस अधिकारी को गिरफ्तार किया है. आरोपी एक नामचीन कंपनी में दूध सप्लायर का काम करता है. वह अपनी रौब दिखाने के लिए आईपीएस अफसर की वर्दी पहना करता था. यही नहीं, उसने अपने वॉट्सऐप, ट्विटर, फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसी सोशल साइट्स पर पुलिस की वर्दी में डीपी भी लगा रखी थी.
दरअसल, फर्जी आईपीएस अधिकारी का नाम राकेश त्रिपाठी है. आरोपी काफी पढ़ा-लिखा है. फर्राटेदार अंग्रेजी में बातचीत करता है. आरोपी की प्रारंभिक पढ़ाई एक अच्छे अंग्रेजी कॉन्वेंट स्कूल से हुई थी. फिर इंदौर में जाकर BBA (बीबीए) किया. बीबीए की पढ़ाई पूरी करने के बाद उसने नोएडा की एमिटी यूनिवर्सिटी (Amity University Noida) से MBA की डिग्री हासिल की.
आरोपी को सिविल सर्वेंट बनने का जुनून था, लेकिन वह नहीं बन पाया. जिसके बाद उसने फर्जी आईपीएस अधिकारी बनने का फैसला किया. दूध सप्लायर राकेश त्रिपाठी ने इंडियन पुलिस सर्विस की वर्दी में अपनी फोटो सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म अपलोड की और लोगों से आईपीएस बनकर बात करने लगा.
पुलिस के मुताबिक, महाराष्ट्र कैडर के आईपीएस अफसर यशस्वी यादव की फोटो को मार्फिंग कर आरोपी ने अपनी तस्वीर लगा ली थी. दरअसल, सॉफ्टवेयर के जरिए यशस्वी यादव की फोटो से चेहरा हटाकर आरोपी राकेश ने अपना चेहरा पेस्ट कर दिया और फिर उसे सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया था.
बताया जा रहा है कि राकेश त्रिपाठी आईपीएस यशस्वी यादव से बहुत प्रभावित था, इसलिए उसने ऐसा कदम उठाया. दुग्ध उत्पादन कंपनी में सप्लायर के तौर पर कार्य करने वाले राकेश ने इंस्टाग्राम,फेसबुक और ट्विटर अकाउंट पर आईपीएस की वर्दी के साथ अपनी फोटो लगाया, जिसके बाद महानगर पुलिस और साइबर क्राइम की टीम ने मिलकर आरोपी को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया.
इस मामले में लखनऊ महानगर के एसीपी जया शांडिल्य ने बताया कि आरोपी महानगर थाना इलाके की न्यू हैदराबाद कॉलोनी का रहने वाला है. उसके खिलाफ महानगर थाने में आईपीसी की धारा 171 और 66 आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है, क्योंकि उसने सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफार्म पर वर्दी के साथ अपनी फोटो, डीपी और प्रोफाइल के तौर पर इस्तेमाल किया था. आरोपी को गिरफ्तार भी कर लिया गया है.

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