
दिल्ली: सफदरजंग अस्पताल से अगवा चार महीने का मासूम बरामद, महिला गिरफ्तार
AajTak
दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल से अगवा चार महीने के बच्चे को पुलिस ने सकुशल बरामद कर लिया है. पुलिस ने उस आरोपी महिला को भी गिरफ्तार कर लिया है जो बच्चे को लेकर फरार हुई थी. बच्चे की मां ने बताया कि वो अस्पताल में एक अज्ञात महिला को बच्चे की देखभाल के लिए छोड़कर दूध खरीदने गई थी, लेकिन जब वापस लौटी तो महिला और बच्चा दोनों गायब थे.
देश की राजधानी दिल्ली में पुलिस ने सफदरजंग अस्पताल से अगवा किए गए चार महीने के मासूम को सकुशल बरामद कर लिया है और इस मामले में एक महिला को गिरफ्तार किया है.
न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, 29 जनवरी को बिहार की रहने वाली 32 साल की महिला ने अपने चार महीने के बेटे के अपहरण की शिकायत दर्ज कराई थी. उसने बताया कि वह अस्पताल में एक अज्ञात महिला को बच्चे की देखभाल के लिए छोड़कर दूध खरीदने गई थी, लेकिन जब वापस लौटी तो महिला और बच्चा दोनों गायब थे.
घटना की सूचना मिलते ही सफदरजंग एन्क्लेव थाने में एफआईआर दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी. दक्षिण-पश्चिम जिले के डीसीपी सुरेंद्र चौधरी के अनुसार, एक विशेष टीम बनाई गई, जिसने सीसीटीवी फुटेज की जांच की. फुटेज में पुलिस को अहम सुराग मिले, जिसमें आरोपी महिला के छोड़े हुए बैग से मेट्रो और बस के टिकट भी बरामद हुए.
सीसीटीवी की मदद से पुलिस ने पाया कि आरोपी महिला बच्चे को लेकर एक ऑटो-रिक्शा से भीमराव अंबेडकर अस्पताल की ओर गई थी. आगे की जांच में पुलिस को एक कार का पता चला, जो राजीव नामक व्यक्ति के नाम पर रजिस्टर्ड थी. राजीव, आरोपी महिला नीतू (35) का पति है.
पुलिस ने 30 जनवरी की सुबह अंबेडकर कॉलोनी, अलीपुर इलाके में छापा मारा, जहां से नीतू को गिरफ्तार कर लिया गया और बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया गया. पूछताछ के दौरान नीतू ने कबूल किया कि उसने अपने पति और ससुराल वालों को धोखा देने के लिए झूठी गर्भावस्था की कहानी गढ़ी थी.
29 जनवरी को उसने अपने परिवार को बताया कि उसने एक बच्चे को जन्म दिया है. इसके बाद उसका पति और ससुर अस्पताल पहुंचे और अगवा किए गए शिशु को अपने साथ ले गए. फिलहाल पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी महिला ने इस वारदात को अंजाम देने की योजना कब और कैसे बनाई.

मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के कारण भारत के 6 से ज्यादा जहाज अभी भी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में फंसे हुए हैं. बताया जा रहा है कि इन जहाजों में ज्यादातर एलपीजी टैंकर और एलएनजी जहाज हैं. जिससे देश में एलपीजी की किल्लत हो सकती है. हालांकि, सरकार ने घरेलू उत्पादन में 40% वृद्धि की है और घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी जा रही है.

न्यूजरूम में बात होगी तेल-गैस युद्ध बने ईरान-अमेरिका-इजरायल युद्ध की. बताएंगे कि कैसे भड़का तेल-गैस युद्ध. इजरायल के हमले का जवाब ईरान ने कैसे दिया. ये भी बात होगी कि क्या ट्रंप का ऑपरेशन एपिक फ्यूरी फेल हो गया? क्या ईरान को निहत्था करने के लिए शुरू हुई जंग अब तेल-गैस युद्ध के साथ तीसरा विश्व युद्ध की तरफ बढ़ चला है.

देश के 3 शहरों से ऐसी खबरें आईं जिसने दिल दहला दिया. आग लगने के कारण दिल्ली, चंडीगढ़ और इंदौर में भयानक हादसे हुए. भीषण आग की चपेट में पूरा का पूरा परिवार आ गया. दिल्ली में 9 लोगों की मौत हुई तो इंदौर में भी 8 लोगों को जान गंवानी पड़ी. चंडीगढ़ में लगी आग भयावह जरूर है, लेकिन गनीमत रही कि किसी तरह की जनहानि नहीं हुई.

अमेरिका-इजरायल की ईरान से जंग की वजह से देशभर में LPG की किल्लत अब भी जारी है. गैस एजेंसियों के बाहर लम्बी लाइनें हैं. गैस सिलेंडर की कालाबाजारी और जमाखोरी भी हो रही है. होटल-रेस्टोरेंट में गैस का स्टॉक खत्म होने से बिजनेस ठप होने लगे हैं. कई जगह ताले भी लटकने लगे हैं. त्योहारी सीजन में घरों में भी इसका असर दिख रहा है.









