
दिल्ली में पटाखों पर बैन! कारोबार से लेकर रोजगार तक, सब पर पड़ेगी मार
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Ban on firecrackers in Delhi दिल्ली में इस साल भी पटाखों के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. सरकार के इस कदम से पटाखों के व्यापारी काफी परेशान हैं क्योंकि, त्योहारों का सीजन (Diwali) ही उनके लिए कारोबार में काफी फायदे वाला होता है.
देश की राजधानी दिल्ली में पिछले साल की तरह इस साल भी पटाखों के इस्तेमाल पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है. कोरोना महामारी अभी खत्म नहीं हुई है और तीसरी लहर का डर लोगों में कायम है. ऐसे हालात को देखते हुए, दिल्ली प्रदूषण कंट्रोल कमेटी ने अपने बयान में कहा है कि पटाखों की खरीद-बिक्री और भंडारण के साथ पटाखे फोड़ने पर पूरी तरह से 1 जनवरी 2022 तक प्रतिबंध लगाने का आदेश है.

झारखंड के लातेहार जिले के भैंसादोन गांव में ग्रामीणों ने एलएलसी कंपनी के अधिकारियों और कर्मियों को बंधक बना लिया. ग्रामीणों का आरोप था कि कंपनी बिना ग्राम सभा की अनुमति गांव में आकर लोगों को ठगने और जमीन हड़पने की कोशिश कर रही थी. पुलिस के हस्तक्षेप के बाद लगभग दो घंटे में अधिकारी सुरक्षित गांव से बाहर निकल सके.

दिल्ली के सदर बाजार में गोरखीमल धनपत राय की दुकान की रस्सी आज़ादी के बाद से ध्वजारोहण में निरंतर उपयोग की जाती है. प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल के बाद यह रस्सी नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाने लगी. इस रस्सी को सेना पूरी सम्मान के साथ लेने आती है, जो इसकी ऐतिहासिक और भावनात्मक महत्ता को दर्शाता है. सदर बाजार की यह रस्सी भारत के स्वाधीनता संग्राम और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बनी हुई है. देखिए रिपोर्ट.

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