
दिल्ली में अतिक्रमण पर LG सख्त, बोले- कब्जा हुआ तो अफसरों पर केस होगा
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दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने डीडीए भूमि पर अतिक्रमण रोकने के लिए कठोर कदम उठाने का निर्देश दिया है. अब नई अतिक्रमण घटनाओं पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होगी. हाल ही में मयूर नेचर पार्क परियोजना में शामिल डीडीए के कर्मचारियों को निलंबित किया गया है.
दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने सख्त निर्देश जारी करते हुए कहा है कि दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) की जमीन पर अगर नए अतिक्रमण या पुनः अतिक्रमण की घटनाओं के मामले सामने आते हैं तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी. अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर आपराधिक मामला चलाया जाएगा. ये निर्णय राजधानी में विकास और अतिक्रमण मुक्त माहौल सुनिश्चित करने की दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है.
वीके सक्सेना ने क्या निर्देश दिया?
उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने निर्देश दिए हैं कि डीडीए के जमीन पर अगर कब्जा होता है तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी. इतना ही नहीं आपराधिक मामला भी चलाया जाएगा. यह कार्रवाई सस्पेंशन और विभागीय जांच के अतिरिक्त होगी.
डीडीए जमीन पर कब्जा, वीके सक्सेना ने लिया एक्शन
मयूर नेचर पार्क परियोजना में डीडीए के जमीन पर कब्जा होने और अतिक्रमण पर नियंत्रण न पाने को लेकर उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने सहायक अभियंता (एई) और जूनियर इंजीनियर (जेई) को निलंबित कर दिया है. सक्सेना ने डीडीए के उपाध्यक्ष को निर्देश दिया है कि वे एक सप्ताह के भीतर जांच और उठाई गई कार्रवाइयों पर एक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करें. अगले सात दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है.
यह भी पढ़ें: 'आपको यमुना मैया का शाप लगा है...', इस्तीफा देने पहुंचीं आतिशी से बोले एलजी वीके सक्सेना उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने मयूर विहार फेज-1 से एनएच-24 के बीच पुस्ता रोड के पास DDA के जमीन को कब्जा को बेहद चिंताजनक बताया है. DDA के जमीन पर कब्जे को लेकर उपराज्यपाल की गंभीरता यह दिखाती है कि प्रशासन अब इस प्रकार की घटनाओं के प्रति बिल्कुल भी सहनशील नहीं है.

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