
दादा फ्रीडम फाइटर, नाना ब्रिगेडियर फिर मुख्तार अंसारी कैसे बन गया माफिया?
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मुख्तार अंसारी के दादा स्वतंत्रता सेनानी थे और उसके फौज में नाना ब्रिगेडियर. तो फिर मुख्तार अंसारी माफिया कैसे बन गया. रौबदार मूंछों वाला ये विधायक आज भले ही व्हील चेयर के सहारे हो लेकिन मऊ और उसके आसपास के इलाके में मुख्तार अंसारी की तूती बोलती है.
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद करीब 14 घंटे के सफर के बाद सुबह करीब 4.30 बजे भारी सुरक्षा इंतजामों के बीच बाहुबली मुख्तार अंसारी का काफिला बांदा जेल पहुंच गया. सुबह करीब 4 बजाकर 26 मिनट पर बांदा जेल का दरवाजा खोल दिया गया. काफिले की बाकी गाड़ियां रूक गईं और मुख्तार अंसारी की एंबुलेंस दनदनाती हुई जेल में दाखिल हो गई. मंगलवार दोपहर 2 बजे पंजाब के रोपड़ से एंबुलेस में रवाना हुआ था मुख्तार अंसारी का काफिला. जो हरियाणा के रास्ते आगरा, इटावा और औरैया होते हुए बांदा जेल पहुंचा. करीब 14 घंटे से ज्यादा सफर के दौरान आजतक का कैमरे की नजर से एक मिनट नहीं ओझल हुआ मुख्तार अंसारी का काफिला. पूरे रास्ते हमारे संवाददाता तस्वीरें और अपडेट भेजते रहे. मुख्तार अंसारी के सारे गुनाहों का अब हिसाब बांदा जेल में होगा. पंजाब के रोपड़ से बांदा के लिए निकले मुख्तार के काफिले के साथ आजतक की टीम पूरे रास्ते साथ रही. रातभर काफिला चलता रहा और कैमरा ऑन रहा. मुख्तार अंसारी के दादा स्वतंत्रता सेनानी थे और उसके फौज में नाना ब्रिगेडियर. तो फिर मुख्तार अंसारी माफिया कैसे बन गया. रौबदार मूंछों वाला ये विधायक आज भले ही व्हील चेयर के सहारे हो. लेकिन मऊ और उसके आसपास के इलाके में मुख्तार अंसारी की तूती बोलती है. अंसारी की ठिकानों को जमींदोज किया जा रहा हो. लेकिन कभी वक्त था जब पूरा सूबा मुख्तार से कांपता था. बीजेपी को छोड़कर उत्तर प्रदेश की हर बड़ी पार्टी में शामिल रहा मुख्तार अंसारी पिछले 24 साल से लगातार यूपी की विधानसभा पहुंचता रहा.More Related News

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