
'थैंक्यू, वंदे मातरम, जय हिंद जैसे नारों से करें पहरेज, विदेश यात्रा से पहले लें केंद्र की अनुमति,' राज्यसभा सदस्यों को नए दिशा-निर्देश
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तीन दिन बाद संसद का शीतकालीन सत्र शुरू होने जा रहा है. सत्र से पहले राज्यसभा में नए नियम जारी किए गए हैं. निर्देशों में कहा गया है कि सदन में उठाए जाने वाले विषयों का पहले से प्रचार ना किया जाए. नोटिस मंजूर होने तक साथी सदस्यों को भी ना बताएं. सदन में थैंक्स, थैंक्यू, जय हिन्द, वंदे मातरम जैसे नारे ना लगाएं. सभापति की सदन के भीतर या बाहर आलोचना ना करें.
संसद का शीतकालीन सत्र 4 दिसंबर से शुरू हो रहा है. उससे पहले राज्यसभा सदस्यों को कई तरह के दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं. अब राज्यसभा सांसदों को सदन के अंदर जय हिंद, वंदे मातरम, थैंक्यू, थैंक्स जैसे नारों से परहेज करना होगा.
इतना ही नहीं, राज्यसभा सभापति ने कुछ हिदायतें भी दी हैं. जो व्यवस्था दी गई है, उसकी सदन के अंदर या बाहर आलोचना करने से बचना होगा. सांसदों को सदन की मर्यादा का भी ख्याल रखने के लिए कहा गया है. सदन की कार्यवाही के दौरान नारेबाजी करने और तख्तियां लहराने से भी बचने की सलाह दी गई है.
'मीडिया में प्रचार करने से बचें'
गुरुवार को जारी ताजा आदेशों के मुताबिक, सांसदों से कहा गया है कि जब तक उनकी तरफ से दिए गए नोटिस को आसन स्वीकार नहीं कर ले, तब तक इसका प्रचार करने से बचना चाहिए. मीडिया या किसी मंच पर या किसी दूसरे साथी सांसद से भी नोटिस से संबंधित जानकारी साझा नहीं की जाए.
'निष्पक्षता प्रभावित ना करता हो गिफ्ट'
संसद सदस्यों को विदेश में निजी यात्राओं के दौरान विदेशी आतिथ्य स्वीकार करते समय सख्त दिशा-निर्देशों का पालन करना चाहिए. केंद्र सरकार की पहले से अनुमति लेनी चाहिए. आचार संहिता का एक मानदंड सांसदों को ऐसे गिफ्ट नहीं लेने के आदेश देता है, जो ईमानदारी और निष्पक्षता के साथ आधिकारिक कर्त्तव्यों के पालन को रोकते हों.

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