
'तेलंगाना-महाराष्ट्र के बीच रोटी बेटी का संबंध...' केसीआर बोले- पूरे देश में होगा बीआरएस का विस्तार
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बीआरएस पार्टी में नेताओं के लगातार शामिल होने का क्रम जारी है. शनिवार को महाराष्ट्र के सोलापुर, नागपुर और अन्य क्षेत्रों के तीन सौ से अधिक नेता और प्रमुख लोग इस पार्टी में शामिल हो रहे हैं. मुख्यमंत्री केसीआर की उपस्थिति में तेलंगाना भवन में आयोजित कार्यक्रम में ये सभी बीआरएस में शामिल हो गए.
बीआरएस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुख्यमंत्री के.चंद्रशेखर राव ने कहा कि बीआरएस पार्टी महाराष्ट्र के साथ उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश समेत पूरे देश में विस्तार करेगी. बीआरएस पार्टी 'अबकी बार किसान सरकार' के नारे के साथ आगे बढ़ रही है. तेलंगाना के विकास मॉडल को देखने के लिए कई राज्यों के लोग तेलंगाना का दौरा करेंगे, इसके लिए उचित व्यवस्था की जाएगी.
बीआरएस पार्टी में नेताओं के लगातार शामिल होने का क्रम जारी है. शनिवार को महाराष्ट्र के सोलापुर, नागपुर और अन्य क्षेत्रों के तीन सौ से अधिक नेता और प्रमुख लोग मुख्यमंत्री केसीआर की उपस्थिति में तेलंगाना भवन में आयोजित कार्यक्रम में बीआरएस में शामिल हो गए. मुख्यमंत्री केसीआर ने उन्हें गुलाबी दुपट्टा पहनाकर पार्टी में शामिल किया. उन्होंने कहा कि भारत में मौजूदा राजनीति पदों के पीछे चल रही है. कई नेता अपनी-अपनी पार्टियों को तोड़कर पदों के लिए इस पार्टी से उस पार्टी और उस पार्टी से इस पार्टी में छलांग लगा रहे हैं. महाराष्ट्र में जो कुछ हो रहा है, उसे देश की जनता देख रही है. “बीआरएस के रूप में विकास आपके दरवाजे पर आ गया है. दरवाजे खोलकर बीआरएस का समर्थन करें. किसान सरकार के साथ अपने जीवन को रौशन करें. जिस प्रकार तेलंगाना में विकास हुआ, महाराष्ट्र में प्रगति क्यों नहीं संभव नहीं है,''
तेलंगाना और महाराष्ट्र के बीच संबंध पर कही ये बात बीआरएस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुख्यमंत्री के.चंद्रशेखर राव ने कहा कि तेलंगाना और महाराष्ट्र के बीच 'रोटी बेटी' का संबंध है. दोनों राज्यों के लोगों के बीच एक सामाजिक बंधन और सांस्कृतिक समानता है. दोनों राज्य एक हजार किलोमीटर की सीमा साझा करते हैं. उन्होंने कहा कि उन्हें बेहद खुशी है कि बीआरएस पार्टी इस तरह के जुड़ाव के साथ महाराष्ट्र से लेकर पूरे देश में विस्तार कर रही है. उन्होंने कहा कि पिछले नौ वर्षों के दौरान तेलंगाना में हासिल किया गया विकास कार्य भारत के लिए एक आदर्श बन गया है.
परिवर्तित भारत से ही विकास संभवः केसीआर मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने कहा कि परिवर्तित भारत से ही विकास संभव है. वे इस बात पर विचार करना चाहते हैं कि 75 वर्षों के बाद भी इस देश के शासक आज भी देश के प्राकृतिक संसाधनों का पर्याप्त उपयोग नहीं कर पा रहे हैं. उन्होंने उदाहरण देकर समझाया कि चीन जैसे देश, जो अब तक दुनिया में पिछड़े थे, आज उस स्तर तक विकसित हो गए हैं जहां तक हम नहीं पहुंच सकते. उन्होंने स्पष्ट किया कि इसका कारण यह है कि केंद्रीय शासकों के पास देश के विकास के लिए सही विचार नहीं हैं. उन्होने कहा कि कम से कम पेयजल, सिंचाई का पानी और बिजली जैसी न्यूनतम सुविधाएं तो मिलनी ही चाहिए.
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने हाल ही में सोलापुर का दौरा किया था और जल्द ही वहां फिर आएंगे. वहां कम से कम 50 एकड़ जमीन में एक विशाल जनसभा का आयोजन करें. मैं महाराष्ट्र के सोलापुर सहित अन्य क्षेत्रों में विकास करूंगा. आपका भविष्य बीआरएस पार्टी में बेहतर हो सकेगा. बीआरएस को जिताएं, यह आपके जीवन को बेहतर बनाने की जिम्मेदारी लेगा.
कई विकसित देश कृषि क्षेत्र को देते हैं सब्सिडी केसीआर ने कहा कि दुनिया के कई विकसित देश कृषि क्षेत्र को सब्सिडी देते हैं. लेकिन अफसोस की बात है कि कृषि प्रधान देश भारत के शासक इसका विरोध करते हैं. उन्होंने कहा कि उन्होंने अपनी पार्टी के नारे, अब की बार किसान सरकार के साथ देश में किसान वर्ग की रक्षा की है. देश में कृषि का विकास होना चाहिए.

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एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान यूथ कांग्रेस के कुछ नेताओं ने आयोजन स्थल के भीतर विरोध प्रदर्शन किया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारे लगाए गए और टी-शर्ट्स पर संदेश लिखे गए. समिट में 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधि और कई वैश्विक कंपनियों के प्रमुख मौजूद थे. विरोध के समय और तरीके को लेकर राजनीतिक बहस शुरू हो गई है.

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