
तेजस्वी यादव को सीएम फेस बनाने पर महागठबंधन में अब भी असहमति क्यों?
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तेजस्वी यादव को महागठबंधन का मुख्यमंत्री चेहरा बनाये जाने के बारे में जब भी पूछा जाता है, कांग्रेस नेता सवाल टाल देते हैं. आखिर कांग्रेस को तेजस्वी यादव को लेकर क्या आपत्ति है? ये असहमति क्यों नहीं खत्म होती, क्या NDA से मुकाबले ये नुकसानदेह साबित नहीं हो सकता?
तेजस्वी यादव बिहार में विधानसभा में विपक्ष के नेता हैं, लेकिन आज की तारीख में आने वाले चुनाव के लिए महागठबंधन की तरफ से मुख्यमंत्री पद का चेहरा नहीं हैं. महागठबंधन से कोई अलग हाल एनडीए का नहीं है. नीतीश कुमार बिहार के मौजूदा मुख्यमंत्री हैं, लेकिन एनडीए के सीएम फेस नहीं हैं.
नीतीश कुमार का भी आत्मविश्वास थोड़ी देर के लिए तो कम पड़ ही जाता होगा, जब महाराष्ट्र चुनाव के दौरार अमित शाह का बयान याद आता होगा. तब तत्कालीन मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बारे में पूछा गया था, और अमित शाह ने कहा था, 'अभी तो एकनाथ शिंदे मुख्यमंत्री हैं.' बिहार के मामले में भी अमित शाह कह चुके हैं कि ऐसे फैसले बीजेपी का संसदीय बोर्ड लेता है. मतलब, जब तक संसदीय बोर्ड की मुहर नहीं लग जाती,नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद की उम्मीदवारी पक्की नहीं मानी जा सकती.
कांग्रेस ने भी तेजस्वी यादव का मामला वैसे ही फंसा रखा है, जैसे बीजेपी ने नीतीश कुमार का. अब सवाल ये हो सकता है कि अगर दोनों तरफ मामला एक जैसा ही है, तो किसी एक पर असर कहां से होगा. न किसी को फायदा होगा, न किसी को नुकसान होगा - लेकिन राजनीति में कई बार मैथ की तरह चीजें सीधी और सपाट बिल्कुल नहीं होतीं.
ये ठीक है कि तेजस्वी यादव की भी मुख्यमंत्री पद की दावेदारी में नीतीश कुमार जैसा ही पेच फंसा हुआ है, लेकिन जरूरी नहीं कि मुश्किलें और चुनौतियां भी बराबर ही हों. और, तेजस्वी यादव के मामले में चुनौतियां ज्यादा लगती हैं. बीजेपी के पास तो नीतीश कुमार से हाथ खींच लेने का विकल्प फिलहाल नहीं लगता, लेकिन कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने दिल्ली विधानसभा चुनाव में जो तेवर दिखाया है - कुछ भी असंवभव नहीं लगता. तेजस्वी के नाम पर महागठबंधन में असहमति क्यों?
तेजस्वी यादव 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद का चेहरा रहे हैं. फिलहाल बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता हैं. विपक्ष से आशय यहां सत्ताधारी बीजेपी-जेडीयू वाले एनडीएक के खिलाफ महागठबंधन में शामिल पार्टियों से है, जिसमें कांग्रेस भी शामिल है.
मुद्दे की बात ये है कि तेजस्वी यादव के महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद का चेहरा होने को लेकर कई बार सवाल पूछा जा चुका है, लेकिन कांग्रेस नेता हमेशा ही टाल जाते रहे हैं. कांग्रेस और आरजेडी नेताओं की कई बार मुलाकात भी हो चुकी है, और करीब करीब हर मुलाकात के बाद मीडिया की तरफ से ये सवाल पूछा ही जाता है - लेकिन हर कांग्रेस नेता टाल जाते हैं.

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