
तुर्की में फिर कांपी धरती... आया 4.9 तीव्रता का भूकंप, जानमाल का कोई नुकसान नहीं
AajTak
तुर्की के गृह मंत्री अली येरलिकाया ने कहा कि खोज और बचाव अभियान समाप्त हो गया है और किसी गंभीर क्षति या हताहत होने के कोई अन्य संकेत नहीं मिले हैं. उन्होंने कहा कि बिजली और पानी की सेवा बाधित नहीं हुई है.
तुर्की के बालिकेसिर प्रांत में रविवार को 4.9 तीव्रता का भूकंप आया. तुर्की के आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (AFAD) ने बताया कि भूकंप से जान-माल का कोई नुकसान नहीं हुआ. बालिकेसिर के सिंदिरगी क्षेत्र में आया भूकंप 7.72 किलोमीटर (4.8 मील) की गहराई में था.
तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तय्यिप एर्दोगान ने एक बयान जारी कर देशवासियों की सलामती की दुआ की. देश के सबसे बड़े शहर इस्तांबुल समेत कई प्रांतों में भूकंप के झटके महसूस किए गए. आपदा प्राधिकरण ने पहले घंटे में छह झटकों की सूचना दी, जिनमें से एक की तीव्रता 4.9 थी. सभी नागरिकों से क्षतिग्रस्त इमारतों में प्रवेश नहीं करने की अपील की गई.
यह भी पढ़ें: हाथ मिलाया, पीठ थपथपाई... ऑपरेशन सिंदूर के बाद इस अंदाज में मिले PM मोदी और तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगन
गृह मंत्री अली येरलिकाया ने कहा कि खोज और बचाव अभियान समाप्त हो गया है और किसी गंभीर क्षति या हताहत होने के कोई अन्य संकेत नहीं मिले हैं. उन्होंने कहा कि बिजली और पानी की सेवा बाधित नहीं हुई है. एएफएडी ने कहा कि भूकंप का केंद्र सिंदिरगी शहर में था. पिछले महीने इसी क्षेत्र में 6.1 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई थी, जबकि एक दर्जन के करीब इमारतें ढह गई थीं और लगभग 30 लोग घायल हुए थे.
ढहे हुए एक मकान के मलबे से 4 लोगों को निकाला गया था, जिनमें से तीन को अस्पताल में इलाज के बाद छुट्टी मिल गई, जबकि एक व्यक्ति की मौत हो गई थी. तुर्की के गृह मंत्री अली येरलिकाया ने बताया था कि मलबे से निकाले जाने के बाद एक 81 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई. तुर्की कई फॉल्ट लाइनों पर स्थित है, जिससे यह भूकंपों के प्रति अत्यधिक संवेदनशील है.
यह भी पढ़ें: तुर्की में भूकंप के जोरदार झटकों से दहशत में आए लोग, 1 की मौत, रिक्टर स्केल पर 6.0 रही तीव्रता

लेकिन अब ये कहानी उल्टी घूमने लगी है और हो ये रहा है कि अमेरिका और चीन जैसे देशों ने अमेरिका से जो US BONDS खरीदे थे, उन्हें इन देशों ने बेचना शुरू कर दिया है और इन्हें बेचकर भारत और चाइना को जो पैसा मिल रहा है, उससे वो सोना खरीद रहे हैं और क्योंकि दुनिया के अलग अलग केंद्रीय बैंकों द्वारा बड़ी मात्रा में सोना खरीदा जा रहा है इसलिए सोने की कीमतों में जबरदस्त वृद्धि हो रही हैं.

इस वीडियो में जानिए कि दुनिया में अमेरिकी डॉलर को लेकर कौन सा नया आर्थिक परिवर्तन होने वाला है और इसका आपके सोने-चांदी के निवेश पर क्या प्रभाव पड़ेगा. डॉलर की स्थिति में बदलाव ने वैश्विक बाजारों को हमेशा प्रभावित किया है और इससे निवेशकों की आर्थिक समझ पर भी असर पड़ता है. इस खास रिपोर्ट में आपको विस्तार से बताया गया है कि इस नए भूचाल के कारण सोने और चांदी के दामों में क्या संभावित बदलाव आ सकते हैं तथा इससे आपके निवेश को कैसे लाभ या हानि हो सकती है.

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने ब्रिटेन के पीएम की मेजबानी करते हुए कहा है कि अंतरराष्ट्रीय कानून तभी सच में असरदार हो सकता है जब सभी देश इसका पालन करें. राष्ट्रपति शी ने अमेरिका का नाम लिए बिना कहा कि अगर बड़े देश ऐसा करेंगे नहीं तो दुनिया में जंगल का कानून चलेगा. विश्व व्यवस्था जंगल राज में चली जाएगी.

ईरान की धमकियों के जवाब में अमेरिका ने मध्य-पूर्व में अपने कई सहयोगियों के साथ सबसे बड़ा युद्धाभ्यास शुरू किया है. यह युद्धाभ्यास US एयर फोर्सेज सेंट्रल (AFCENT) द्वारा आयोजित किया गया है, जो कई दिनों तक चलेगा. इस युद्धाभ्यास की घोषणा 27 जनवरी को हुई थी और यह अभी भी जारी है. माना जा रहा है कि यह अभ्यास अगले दो से तीन दिनों तक चलेगा. इस प्रयास का मकसद क्षेत्र में तनाव के बीच सैन्य तैयारियों को बढ़ाना और सहयोगियों के साथ सामरिक तालमेल को मजबूत करना है.

कोलंबिया और वेनेज़ुएला की सीमा के पास एक जेट विमान अचानक लापता हो गया. यह विमान फ्लाइट नंबर NSE 8849 थी जो कुकुटा से ओकाना की ओर जा रही थी. इस विमान ने सुबह 11 बजकर 42 मिनट पर उड़ान भरी थी लेकिन लैंडिंग से पहले ही एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क टूट गया. राडार से इस विमान का अचानक गायब होना चिंता का विषय है.

वेनेजुएला में मिली बड़ी कामयाबी के बाद अब डॉनल्ड ट्रंप का आत्मविश्वास आसमान छू रहा है। कूटनीति के गलियारों में चर्चा है कि ट्रंप के मुंह 'खून लग गया है' और अब उनकी नज़रें क्यूबा और ईरान पर टिक गई हैं... और अब वो कह रहे हैं- ये दिल मांगे मोर...। ट्रंप की रणनीति अब सिर्फ दबाव तक सीमित नहीं है, बल्कि वे सीधे सत्ता परिवर्तन के खेल में उतर चुके हैं। क्या क्यूबा और ईरान ट्रंप की इस 'मोमेंटम' वाली कूटनीति का मुकाबला कर पाएंगे?







