
तुर्की महिलाओं की अंतरराष्ट्रीय संधि से हुआ अलग, समलैंगिकता को बनाया बहाना
AajTak
तुर्की अब आधिकारिक रूप से 'काउंसिल ऑफ युरोप्स इस्तांबुल कन्वेंशन (Council of Europe's Istanbul Convention) से अलग हो गया है. हजारों महिलाओं ने सरकार के इस फैसले के खिलाफ प्रदर्शन करके अपनी नाराजगी जताई है.
तुर्की ने महिलाओं की सुरक्षा से जुड़ी एक अन्तराष्ट्रीय संधि से खुद को पीछे कर लिया है जिसे कि खुद उसकी ही राजधानी इस्तांबुल में ही साइन किया गया था. इसके विरोध में हजारों महिलाएं, महिला अधिकार समूह, LGBTQ समूह के लोगों ने विरोध शुरू कर दिया है. हालांकि तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगन ने कहा है कि संधि से पीछे हटने का मतलब महिलाओं की सुरक्षा के लिए कदम पीछे करना नहीं है.
ईरान-इजरायल युद्ध आज अपने 24वें दिन में प्रवेश कर चुका है, लेकिन शांति की कोई गुंजाइश दिखने के बजाय यह संघर्ष अब एक विनाशकारी मोड़ ले चुका है. ईरान द्वारा इजरायल के अराद और डिमोना शहरों पर किए गए भीषण मिसाइल हमलों से दुनिया हैरान है. ये शहर रणनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील हैं, इसलिए अब यह जंग सीधे तौर पर परमाणु ठिकानों की सुरक्षा के लिए खतरा बन गई है. युद्ध का सबसे घातक असर ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ा है.

तेल टैंकरों के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्ता खोलने को लेकर ईरान को ट्रंप ने 48 घंटे की धमकी थी. समय सीमा खत्म होने से पहले ही नेटो एक्शन में आ गया है. नेटो महासचिव ने बताया कि होर्मुज में मुक्त आवाजाही सुवनिश्चित करने के लिए 22 देशों का समूह बन रहा है. साथ ही उन्होनें कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिका का कदम जरूरी था.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को होर्मुज पर धमकी अब उन्हीं पर उलटी पड़ चुकी है. ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे की डेडलाइन देकर होर्मुज खोलने को कहा था, जिसके बाद अब ईरान ने ट्रंप के स्टाइल में ही उन्हें जवाब देते हुए कहा कि यदि अमेरिका उनपर हमला करेगा तो ईरान भी अमेरिका के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाएगा.

आज यु्द्ध का 24वां दिन है. इजरायल पर ईरान और जवाब में अमेरिका और इजरायल के ईरान पर ताबड़तोड़ हमले जारी हैं. इस बीच सवाल ये कि क्या डोनाल्ड ट्रंप हॉर्मुज पर फंस गए हैं. ट्रंप के बार-बार बदलते बयानों से लग रहा है कि जंग छेड़ने से पहले हॉर्मुज को लेकर ट्रंप सोच नहीं पाए थे. देखें कैसे बदलते जा रहे ट्रंप के बयान.









