
'तीन नहीं, छह नदियों का पानी लेंगे...', अमित शाह के बयान पर भड़के बिलावल, दी युद्ध की धमकी
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शनिवार को गृहमंत्री अमित शाह ने कहा था कि भारत सिंधु जल समझौते का निलंबन वापस नहीं लेगा. गृहमंत्री के इस बयान से पाकिस्तान बौखला गया है और उसके पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी ने कहा है कि पाकिस्तान तीन नहीं बल्कि छह नदियों का पानी लेकर रहेगा.
पहलगाम आतंकी हमले के बाद सिंधु जल समझौता रद्द होने से पाकिस्तान बौखलाया हुआ है. इसी बीच शनिवार को गृह मंत्री अमित शाह ने कह दिया कि पाकिस्तान के साथ सिंधु जल समझौते को कभी बहाल नहीं किया जाएगा. इस पर पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी ने भारत को फिर से युद्ध की गीदड़भभकी दी है. सोमवार को उन्होंने कहा कि भारत या तो न्यायपूर्ण तरीके से पानी साझा करें नहीं तो पाकिस्तान सिंधु नदी प्रणाली की सभी छह नदियों से पानी लेगा.
भारत और पाकिस्तान के बीच 1960 में सिंधु जल समझौता हुआ था जिसके तहत भारत को रावी, सतलज और व्यास नदियों के पानी पर नियंत्रण मिला था और पाकिस्तान को झेलम, चेनाब और सिंधु नदी के पानी पर अधिकार मिला था. ये नदियां भारत से होकर पाकिस्तान में जाती है और जब पाकिस्तान स्पॉन्सर आतंकियों ने 22 अप्रैल को पहलगाम की बैसरन घाटी में हमला कर 26 लोगों को मार डाला तब भारत ने इस समझौते को रद्द कर दिया था.
भारत ने हमले के लिए पाकिस्तान को जिम्मेदार बताते हुए पाकिस्तान और पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले कश्मीर (POK) में आतंकियों को निशाना बनाया. दोनों देशों के बीच चार दिनों की लड़ाई के बाद संघर्षविराम हुआ. संघर्षविराम के बावजूद, सिंधु जल समझौता अभी भी निलंबित है जिसे लेकर पाकिस्तान की बौखलाहट साफ दिख रही है.
गृह मंत्री अमित शाह ने द टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए एक इंटरव्यू में कहा था कि पाकिस्तान के साथ सिंधु जल समझौता निलंबित ही रहेगा.
उन्होंने कहा, 'राजस्थान के जरिए जो पानी पाकिस्तान जा रहा है, हम उसे बांध बनाकर रोक देंगे. पाकिस्तान पानी को तरस जाएगा.'
बिलावल ने भारत को दी फिर से युद्ध की गीदड़भभकी

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