
तारीख पर तारीख, घूस पर घूस... डेढ़ घंटे के आखिरी वीडियो में जज, पुलिस और ससुराल वालों पर क्या-क्या बोले अतुल सुभाष
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इंजीनियर अतुल सुभाष ने बेंगलुरु में अपने घर में सुसाइड से पहले वीडियो जारी किया था. करीब डेढ़ घंटे के इस वीडियो में उन्होंने अपनी पत्नी, उसके घर वाले और तलाक केस की सुनवाई कर रही जज के बारे में बताया. साथ ही पत्नी और उसके घरवालों को अपनी सुसाइड का जिम्मेदार ठहराया.
जौनपुर के रहने वाले इंजीनियर अतुल सुभाष के बेंगलुरु में सुसाइड करने से सभी लोग हैरान हैं. अतुल कौशिक ने सुसाइड करने से पहले 24 पन्नों का एक नोट छोड़ा और करीब डेढ़ घंटे का एक वीडियो बनाया, जिसमें अपनी पत्नी और ससुराल वालों को इसका जिम्मेदार बताया है. इस वीडियो में अतुल ने देश के ज्यूडिशियरी सिस्टम, पुलिस और कानून में पुरुषों की अनदेखी को लेकर भी अपनी बात रखी. इसके अलावा उन्होंने जौनपुर की फैमिली कोर्ट की जज पर भी गंभीर आरोप लगाए.
अतुल सुभाष ने अपनी पत्नी को सुसाइड का जिम्मेदार बताते हुए कहा कि उसने सेटलमेंट के लिए पहले एक करोड़ रुपये की डिमांड की, लेकिन बाद में तीन करोड़ रुपये की मांग करने लगी. इतना ही नहीं बेटे का चेहरा भी नहीं देखने दिया. पत्नी के पिता की शादी के बाद बीमारी से मौत हुई, लेकिन ससुराल वालों ने इसके लिए भी हत्या की एफआईआर दर्ज करा दी. अतुल के आरोप के मुताबिक, फैमिली कोर्ट में जज ने मामला निपटवाने के लिए पांच लाख रुपये मांगे. उन्होंने कहा कि जज के सामने ही पत्नी ने उनसे कहा कि सुसाइड क्यों नहीं कर लेते और जज ये सुनकर ठहाका मारकर हंसने लगीं.
जज को लेकर अतुल ने क्या कहा?
अपने वीडियो में अतुल सुभाष ने जौनपुर की जज पर भी उत्पीड़न और घूस मांगने का आरोप लगाया. अतुल ने कहा कि जज की अदालत में तारीख के लिए पेशकार को भी घूस देनी पड़ती है. अतुल ने आरोप लगाया कि प्रिंसिपल फैमिली कोर्ट की जज ने उन पर 3 करोड़ मेंटिनेंस देने का दबाव भी बनाया. उसके बाद उनसे पांच लाख रुपये की रिश्वत भी मांगी. उन्होंने कहा कि दिसंबर तक वो इस केस को सेटल कर देंगी. अतुल सुभाष ने अपने वीडियो में जज पर ऐसे कई गंभीर आरोप लगाए हैं.
अतुल ने अदालत और पुलिस को लेकर वीडियो में क्या कहा था?
अतुल सुभाष ने वीडियो में कहा, "मुझे लगता है कि मेरे लिए मर जाना ही बेहतर होगा क्योंकि जो पैसे मैं कमा रहा हूं, उससे मैं अपने ही दुश्मन को बलवान बना रहा हूं. मेरा कमाया हुआ पैसा मुझे ही बर्बाद करने में लग रहा है. मेरे ही टैक्स के पैसे से ये अदालत, ये पुलिस और पूरा सिस्टम मुझे और मेरे परिवार और मेरे जैसे और भी लोगों को परेशान करेगा. मैं ही नहीं रहूंगा तो न पैसा होगा और न ही मेरे मां-बाप और भाई को परेशान करने की कोई वजह होगी."

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