
तंगी ऐसी कि सड़कों पर घर का सामान बेचने के लिए मजबूर हुए अफगान
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अफगानिस्तान में तालिबान के खिलाफ गुस्सा बढ़ता जा रहा है. जानकारों के मुताबिक ये गुस्से की महज शुरूआत है. हालात और बिगड़ सकते हैं. एक महीने के भीतर अफगानिस्तान की आर्थिक स्थिति बदहाल हो चुकी है. लोगों के पास नौकरी नहीं, पैसे नहीं हैं. लोग अपना घरेलू सामान बेचने के लिए मजबूर हो रहे हैं. काबुल में एक महीने बाद तस्वीरें तो कुछ बदली हैं लेकिन अफगानियों की किस्मत नहीं बदली. काबुल की सड़कों पर तालिबानी गार्ड पूरे शहर में तैनात हैं. गाड़ियों की आवाजाही सामान्य नजर आ रही है लेकिन सड़कें हों या बाजार भीड़ या रौनक कहीं नजर नहीं आ रही है. लोगों के पास काम नहीं और हर कोई अपने भविष्य को लेकर परेशान है. देखें ये वीडियो.

वॉशिंगटन में शांति परिषद की पहली बैठक में गाजा पट्टी की वर्तमान स्थिति और क्षेत्रीय स्थिरता पर गहन चर्चा हुई. बैठक में अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भूमिका को मजबूत करने पर जोर दिया गया और निर्णय लिया गया कि गाजा में शांति बनाए रखने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल तैनात किया जाएगा. इस बल में इंडोनेशिया, मोरक्को, कजाकिस्तान, कोसोवो और अल्बानिया जैसे पांच देश अपने सैनिक भेजेंगे. देखें वीडियो.

आज सबसे पहले आपको उस रिपोर्ट के बारे में बताएंगे, जिसके मुताबिक अमेरिका ने ईरान पर हमले की तारीख मुकर्रर कर दी है. और ये हमला इस हफ्ते के आखिर तक हो सकता है. ट्रंप ने ईरान को धमकी देते हुए कहा है कि ईरान नहीं माना तो हमला होगा. रमज़ान का महीना शुरू हो गया है और ये मुसलमानों के लिए पाक महीना माना जाता है. ऐसे में सवाल उठता है कि अगर अमेरिका ने ईरान पर रमजान के महीने में हमला किया तो मुस्लिम देश क्या करेंगे?











