
ड्रोन अटैक करो, खुद को पैसेंजर फ्लाइट्स की आड़ में बचाओ... पाकिस्तान की गिरी हुई हरकत का पूरा सबूत
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फ्लाइट डेटा के विश्लेषण से पता चलता है कि जब पाकिस्तान ने हमला शुरू किया, उस समय से लेकर 8 मई की रात 12 बजे तक इस्लामाबाद, लाहौर और कराची एयरपोर्ट से कम से कम 104 निर्धारित वाणिज्यिक उड़ानों ने उड़ान भरी या लैंडिंग की. इस दौरान 8 मई पूरे दिन और रात भर भारत और पाकिस्तान दोनों ओर से ड्रोन और मिसाइल हमले चलते रहे.
7 मई की रात 8:30 बजे से 8 मई रात 11:59 बजे तक पाकिस्तान के आसमान से 104 से ज़्यादा यात्री विमान गुजरे. एयरफोर्स की विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने बताया कि भारत पर ड्रोन और मिसाइल हमला करने के बाद भी पाकिस्तान ने अपना हवाई रास्ता बंद नहीं किया. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने एक आम यात्री विमान को जानबूझकर ढाल की तरह इस्तेमाल किया, क्योंकि उसे पता था कि भारत की तरफ से तुरंत जवाब आ सकता है.
विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने कहा कि यह स्थिति अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास उड़ान भर रहे आम नागरिक विमानों, खासकर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए बेहद ख़तरनाक है. उन्होंने बताया कि भारत ने सुरक्षा कारणों से अपना एयरस्पेस पहले ही बंद कर दिया था, जिस वजह से हमारी ओर से कोई नागरिक उड़ान उस क्षेत्र में नहीं थी.
फ्लाइट डेटा के विश्लेषण से पता चलता है कि जब पाकिस्तान ने हमला शुरू किया, उस समय से लेकर 8 मई की रात 12 बजे तक इस्लामाबाद, लाहौर और कराची एयरपोर्ट से कम से कम 104 निर्धारित वाणिज्यिक उड़ानों ने उड़ान भरी या लैंडिंग की. इस दौरान 8 मई पूरे दिन और रात भर भारत और पाकिस्तान दोनों ओर से ड्रोन और मिसाइल हमले चलते रहे.
इस्लामाबाद एयरपोर्ट पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) से करीब 133 किलोमीटर, लाहौर अंतरराष्ट्रीय सीमा से सिर्फ 17 किलोमीटर, और कराची सीमा से लगभग 173 किलोमीटर की हवाई दूरी पर स्थित है. इस दौरान इन हवाई अड्डों से उड़ान भरने या उतरने वाली कम से कम 39 उड़ानों का संचालन विदेशी एयरलाइनों जैसे एतिहाद, अमीरात, फ्लाईनास, कतर एयरवेज, एयर अरेबिया, गल्फ एयर और जज़ीरा ने किया. शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता ने कहा कि भारत हमले कर रहा है, जबकि पाकिस्तान ने अपना एयरस्पेस खुला रखा है.

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