
'डाक सेवा-जन सेवा' जैसे नारे में दिखती थी पीयूष पांडे की क्रिएटिविटी, केंद्रीय मंत्री सिंधिया बोले- साधारण चीजों में फूंक देते थे जादू
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Piyush Pandey Death Age 70: भारतीय विज्ञापन जगत की दुनिया में कहानी कहने की कला को नई परिभाषा देने वाले दिग्गज पद्मश्री पीयूष पांडे का गुरुवार को 70 वर्ष की उम्र में निधन हो गया. उनकी रचनात्मक प्रतिभा ने कई ऐसे नारे और अभियान रचे, जो देश में हमेशा के लिए यादगार बन गए.
भारतीय विज्ञापन जगत के दिग्गज पीयूष पांडे के निधन पर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने गहरा शोक व्यक्त किया है. सिंधिया ने पांडे को रचनात्मक दूरदर्शी बताते हुए उन्हें भारतीय विज्ञापन जगत को आवाज और आत्मा देने वाली शख्सियत बताया.
केंद्रीय संचार मंत्री ने पीयूष पांडे की रचनात्मक प्रतिभा को याद करते हुए उनके साथ अपने कार्य का अनुभव साझा किया. सिंधिया ने लिखा कि पीयूष पांडे की कहानी कहने की कला 'सच्ची और हृदयस्पर्शी' थी, जो कि साधारण चीजों में जादू फूंक देती थी और भारत की हर कहानी में भावनाओं को खोज लेती थी.
सिंधिया ने वह समय याद किया जब उन्होंने डाक विभाग के लिए 'प्रोजेक्ट एरो' पर पीयूष पांडे के साथ काम किया था. सिंधिया के अनुसार, पांडे ने 'डाक सेवा-जन सेवा' नारा देकर एक साधारण विचार को मानवीय और यादगार बना दिया था.
उन्होंने पीयूष पांडे की 'गर्मजोशी, बुद्धि और भारत के हृदय की समझ' को भी याद किया, जिसने उस अभियान को खास बना दिया था.
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इस दुखद समय में उनके परिवार और प्रियजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं व्यक्त की हैं.
राजनीति और फिल्म जगत की हस्तियों ने दी श्रद्धांजलि पीयूष पांडे के निधन पर उनके दोस्तों, राजनीतिक और विज्ञापन जगत की हस्तियों ने गहरा शोक व्यक्त किया है.

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